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अमित चौधरी छबड़िया जिला संगठन मंत्री मेरठ किसान यूनियन अराजनैतिक के नेतृत्व मे एक प्रतिनिधि मंडल ने उपजिलाधिकारी सरधना को दिया ज्ञापन

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सरधना (मेरठ) किसान यूनियन अराजनैतिक ने  आज दोपहर 2 बजे  अमित चौधरी छबड़िया जिला संगठन मंत्री मेरठ  के नेतृत्व मे एक प्रतिनिधि मंडल ने उपजिलाधिकारी सरधना को एक ज्ञापन दिया।   N C R T book के विषय दिया गया सरधना सरकारी स्कूलों में भी ncrt कोर्स नहीं  लगवा गया है कमीशन का खेल जो बुक सेलर से मोटी कीमत ले रहे हैं,और गरीब किसान मजदूर के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते है जिन्हें अतिरिक भार उठाना पड़ रहा हैं  जो ncert की कितन 30 रु की है वही प्राइवेट प्रकाशन की किताब ₹400 की है जो की मौके पर हमने नायब तहसीलदार भूपेंदर सिंह को दिखाया वह शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश के आदेश भी दिखाएं की सभी सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी की बुके चलनी चाहिए लागू होनी चाहिए वही माननीय उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आदेश जारी किए हैं सभी सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी के किताबों लागू हो मान्य मुख्यमंत्री उतार प्रदेश सरकार के आदर्श के बाद भी ncrt book नहीं लगा रहे सरकारी स्कूलों पर सेटिंग से बाहर के कोर्स लगवाए जा रहे है और मोटा कमीशन स्कूल ले रहे हैं सरधना में 3 बु...

महिलाओं के उत्थान में डॉक्टर अंबेडकर का अद्वितीय योगदान

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मुनेश त्यागी       भारत के इतिहास में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का विशिष्ट स्थान रहा है। वे गरीब परिवार से थे जिसके पास धन-धान्य का अभाव था। अंबेडकर बहुत पढ़ाकू प्रवृत्ति के बच्चे थे। उन्होंने लगातार कोशिशें के बाद अपनी पढ़ाई जारी रखी और उन्होंने एमए, एमएससी, डीएससी, पीएचडी, बारएटला और एलएलडी की डिग्रियां हासिल कीं और वे एक बहुत बड़े शिक्षाविद और समाज सुधारक बनें।       उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव को अपनी आंखों से देखा था। नाई उनके बाल नहीं काटे, तांगे वाले ने तांगे पर नहीं बिठाया, हॉस्टल में कमरा नहीं मिला, होटल वाले ने भेदभाव किया, पानी वाले ने पानी नहीं पिलाया। समाज में व्याप्त इन सारे भेदभावों का उनके जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ा था। इसे परेशान होकर उन्होंने भारतीय समाज में फैले तमाम तरह के भेदभाव और थोड़ा छात्र को जड़ से खत्म करने की ठान ली थी।      डॉक्टर अंबेडकर मजदूर एकता की हामी थे। वे शोषण और अन्याय से मजदूरों की मुक्ति चाहते थे। सारे समाज में समता, समानता और भाईचारे की भावना देखना चाहते थे। अपने इन्हीं विशिष्ट गुणों...

महान परिवर्तनकारी और साम्यवादी लेखक महापंडित राहुल सांकृत्यायन

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              मुनेश त्यागी        भारत में वैसे तो बहुत सारे लेखकों और विद्वानों ने जन्म लिया है, मगर इन सब में सर्वश्रेष्ठ और सर्व प्रमुख स्थान राहुल सांकृत्यायन का आता है। राहुल सांकृत्यायन ने अपने लेखन और दर्शन के द्वारा भारत के लाखों करोड़ों लोगों को प्रभावित किया है, उनके जीवन में ज्ञान विज्ञान की रोशनी जलाई है और उन्हें असली इंसान बनाने की राह हमवार की है। उन्होंने अपनी बात खुलकर कही है। उन्होंने कभी भी गोल-माल भाषा का प्रयोग नहीं किया। उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से एक नए समाज बनाने का आह्वान किया था।       आधुनिक भारत के महानतम विद्वानों, लेखकों और साहित्यकारों में सबसे अग्रणी नाम राहुल सांकृत्यायन का है। उनका जन्म 9 अप्रैल 1893 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के गांव पंदहा में हुआ था। उनके पिता रूढ़िवादी ब्राह्मण परिवार से संबंधित थे। उनका बचपन का नाम केदारनाथ पांडे था। श्रीलंका में बौद्ध धर्म और महात्मा बुध्द पर अध्ययन करने के कारण उन्हें "राहुल" कहा गया। राहुल सांकृत्यायन अपने पर्यटन से, अपने प...

_अखिल भारत हिन्दू महासभा का 112 स्थापना दिवस राष्ट्रीय अधिवेशन कनखल (हरिद्वार) राजपूत धर्मशाला में मनाया गया।*

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शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत*                                                   अखिल भारत हिन्दू महासभा भारत का प्रथम राजनैतिक दल जिसकी स्थापन मदन मोहन मालवीय वीर सावरकर ने हिंदुत्व को एक जुट व असहाय दवे कुचैले हिन्दू भाइयों बहनों के लिए इस संगठन का निर्माण किया गया था कार्यक्रम में संत महात्मा अलग अलग अखाड़ों से श्री महामण्डलेश्वर एंव राष्ट्रीय स्तर से तमाम उच्च अधिकारी गढ़ उपस्थित रहे जिसमें बिहार, हरियाणा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश एवं तमाम राज्यों से उच्च अधिकारीयों ने मंच पर ओजस्वी भाषण देकर हिंदुओं को हिंदुत्व के प्रति उत्साहित कर देश के प्रति जिम्मेदारीयो एवं गौरक्षा के प्रति हिन्दू भाइयों बहनों को संबोधित किया। सम्पूर्ण कार्यक्रम राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 मुन्ना कुमार शर्मा के नेतृत्व में हुआ जिसमें संगठन के समस्त राष्ट्रीय एंव जनपदो के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंच का संचालन राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री दिल्ली वीरेश त्यागी ने की जिसमें उन्होंने र...

सहारा सिटी हॉस्पिटल की अनोखी पहल: टीटीएस हेल्थ केयर के माध्यम से यतीम, बेवाओं और जरूरतमंदों का मुफ्त इलाज

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रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी  गरीब मरीजों के लिए राहत बरेली के सहारा सिटी हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम दे रही निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं बरेली। पीलीभीत बाईपास रोड स्थित एमजेपी रोहिलखंड यूनिवर्सिटी गेट के सामने बने सहारा सिटी हॉस्पिटल से एक बड़ी मानवीय पहल सामने आई है। हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. मोहम्मद माजीद ख़ान ने जानकारी देते हुए बताया कि टीटीएस हेल्थ केयर के माध्यम से यतीम, बेवाओं और जरूरतमंद मरीजों का इलाज पूरी तरह मुफ्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज के उन कमजोर वर्गों के लिए राहत लेकर आई है, जो आर्थिक तंगी के कारण बेहतर इलाज नहीं करा पाते। इस योजना के तहत मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जा रही हैं।  विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम दे रही सेवाएं टीटीएस हेल्थ केयर के अंतर्गत सहारा सिटी हॉस्पिटल में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें प्रमुख रूप से  डॉ. क़ादरा सुल्तान (एमबीबीएस, डीजीओ) वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ  डॉ. श्वेता गुप्ता (एमडी)  स्त्री एवं प्रसूति रोग ...

स्टिंग के नाम पर ब्लैकमेलिंग: देवास से बरेली तक फैला उगाही का नेटवर्क उजागर

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रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी   बरेली। मध्य प्रदेश के देवास की घटना ने खोली पोल, उत्तर प्रदेश के बरेली में भी सामने आ रहा समान पैटर्न पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार पेशे की आड़ में “स्टिंग ऑपरेशन” के नाम पर अवैध उगाही और धमकाने का संगठित खेल अब एक राज्य तक सीमित नहीं रह गया है। देवास में सामने आए ताज़ा मामले ने इस गंभीर प्रवृत्ति का खुलासा किया है, जिसका असर अब बरेली सहित अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। देवास (मध्य प्रदेश) की  घटना: फर्जी मरीज़  बनकर बनाया वीडियो, फिर ब्लैकमेल मध्य प्रदेश के देवास में सामने आई घटना में आरोप है कि कुछ लोगों ने “स्टिंग ऑपरेशन” के नाम पर फर्जी मरीज बनाकर डॉक्टरों से बातचीत की और उसे गुप्त कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद उसी वीडियो के आधार पर डॉक्टरों को धमकाकर लाखों रुपये की मांग की गई। पुलिस कार्रवाई में इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें दो कथित मीडियाकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ आरोपी अभी फरार हैं। जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। बरे...

ईरान के शीर्ष नेतृत्व की बहुआयामी क्षमता: सर्जन, पायलट और रणनीतिकार एक साथ

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राष्ट्रपति से लेकर संसद अध्यक्ष तक—कठिन हालात में जमीनी भूमिका निभाने वाले नेताओं की मिसाल रिपोर्ट: मुस्तकीम मंसूरी  मध्य-पूर्व की राजनीति में ईरान का नेतृत्व अक्सर अपनी सख्त रणनीति और मजबूत कूटनीति के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके शीर्ष नेताओं की एक और खासियत है उनकी बहुआयामी पेशेवर दक्षता। मसूद पेज़ेश्कियाँ, जो वर्तमान में ईरान के राष्ट्रपति हैं, पेशे से एक जाने-माने हृदय रोग सर्जन भी रहे हैं। बताया जाता है कि अपने राजनीतिक दायित्वों के बावजूद, जब भी ज़रूरत पड़ती है, वे ऑपरेशन थिएटर में जाकर गंभीर मरीजों का इलाज करते रहे हैं। एक जनप्रतिनिधि के रूप में यह उनकी मानवीय संवेदनशीलता और पेशेवर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वहीं मोहम्मद बाक़ेर ग़ालिबाफ़, जो ईरानी संसद के अध्यक्ष हैं, केवल एक अनुभवी राजनेता ही नहीं बल्कि एक प्रशिक्षित पायलट भी हैं। उन्होंने कई बार यह साबित किया है कि वे न सिर्फ संसद के जटिल विधायी कार्यों को कुशलता से संभालते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर विमान भी स्वयं उड़ा सकते हैं। हाल ही में, एक कूटनीतिक दौरे के दौरान उन्होंने तेहरान से इस्लामाबाद तक ...