स्वास्थ्य विभाग बदायूं का अनोखा खेल, डॉक्टर फुरकान को बचाने के चक्कर में सीएमओ को ही फंसा दिया अधीनस्थों ने?
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
बदायूं/बरेली, बदायूं स्वास्थ्य विभाग में एक अनोखा खेल हो गया जहां पर डॉक्टर फुरकान अंसारी को बचाने के चक्कर में सीएमओ बदायूं को ही फंसा दिया अधीनस्थों ने चौंकिए मत जनाब अगर मामले की उच्च स्तरीय जांच हो जाए तो वह कहावत सही साबित हो जाएगी कि हम तो डूबेंगे सनम, लेकिन तुमको भी ले डूबेंगे, शायद यही डर है जो सीएमओ बदायूं डॉक्टर फुरकान अंसारी के मामले को शासन तक भेजने से कतरा रहे हैं, क्योंकि डॉक्टर फुरकान अंसारी के एक रिश्तेदार जो स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत है उनके संबंध एडी हेल्थ से लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तक घनिष्ठ बताए जाते हैं, यही वजह है कि जब सैंया भाए कोतवाल तो डर काहे का, स्वास्थ्य विभाग में मजबूत पकड़, शासन और मंत्रियों से अच्छे रसूख बस इसी का फायदा उठाते हुए डॉक्टर फुरकान अंसारी बेलगाम होकर कार्य सरकार में लापरवाही की सारी हदों को पर कर गए। वैसे तो दिसंबर 2023 में डॉक्टर फुरकान अंसारी की जेल में ड्यूटी के दौरान कार्य सरकार में लापरवाही की जांच ही उनके निलंबन के लिए काफी है, लेकिन सत्ता सपा की हो,या भाजपा की हो डॉक्टर फुरकान अंसारी पर कोई फर्क नहीं पड़ता, यही कारण है कि ड्यूटी करें या ना करें तनख्वाह सरकार जरूर देगी, इसी घमंड में चकनाचूर डॉक्टर फुरकान अंसारी वर्ष 2023 और 2024 से एक कदम आगे निकलकर मार्च 2025 में लगातार 17 दिन गैर हाजिर रहे, अप्रैल 2025 में पूरे 1 महीने ग़ैर हाज़िरी को आगे बढ़ते हुए मई 2025 में भी पूरे महीने ग़ैर हाज़िर रहने से दिल नहीं भरा तो जून 2025 में भी पूरे महीने ग़ैर हाजिर रहकर बरेली में एक दो नहीं चार-चार हॉस्पिटलों में अपनी सेवाएं प्रदान करते रहे, बरेली से लेकर बदायूं तक डॉक्टर फुरकान की खबरें बराबर मीडिया में चलती रहीं, लेकिन जिसके सर पर स्वास्थ्य विभाग में तैनात रासुखदार रिश्तेदार का हाथ हो उसको डर काहे का, यही कारण था की 1 में 2025 से लेकर 31 मई तक हाजिरी रजिस्टर में ग़ैर हाज़िर रहे, वहीं दूसरी ओर 1 मई 2025 को डॉक्टर फुरकान द्वारा चार पीएम किया जाना दर्शाया गया है, बात यहीं खत्म हो जाती तो अच्छा था, 20 मई 2025 और 21 मई 2025 को भी डॉक्टर फुरकान द्वारा पीएम किया जाना दर्शाया गया है, स्वास्थ्य विभाग का खेल भी अजीब खेल है जहां पर ग़ैर हाज़िर चल रहे डॉक्टर फुरकान पर सीएमओ साहब इतने मेहरबान थे कि उन्होंने पीएम रोस्टर में 1 मई 2025 और 20 मई 2025 को ड्यूटी लगा दी, लेकिन डॉक्टर फुरकान ने बिना ड्यूटी के भी 21 मई 2025 को पोस्टमार्टम कर दिए, अब सवाल यह उठता है विभाग दो बार ड्यूटी लगता है और डॉक्टर फुरकान तीन बार पोस्टमार्टम करते हैं, शायद यह खेल स्वास्थ्य मंत्री भी नहीं समझ पाएंगे, कि बिना ड्यूटी लगाए कोई डॉक्टर कैसे पोस्टमार्टम कर सकता है, मामला शासन तक न पहुंचे इसलिए पूरे मामले को सीएमओ बदायूं से लेकर एडी हेल्थ बरेली तक ही घुमाया जा रहा है आखिर क्यों? क्योंकि अगर मामला शासन तक पहुंचा तब इस पर उच्च स्तरीय जांच बैठ सकती है। ऐसी स्थिति में सीएमओ बदायूं के अधीनस्थों ने डॉक्टर फुरकान अंसारी को बचाने के चक्कर में सीएमओ को भी फंसा ही दिया। वहीं सीएमओ बदायूं डॉक्टर रामेश्वर मिश्रा से हमारे बदायूं संवाददाता ने इस संबंध में बात की तब उन्होंने बताया की विभाग से गलती हुई है डॉक्टर फुरकान अंसारी को कई नोटिस दिए गए हैं, और इसकी सूचना अपर स्वास्थ्य निदेशक महोदया को भी दी गई है उन्होंने डॉक्टर फुरकान अंसारी को बुलाया था लेकिन वह वहां भी नहीं पहुंचे जो गंभीर विषय है। एक बार फिर डॉक्टर फुरकान अंसारी को नोटिस भेजा जाएगा इसकी जानकारी देते हुए सीएमओ बदायूं रामेश्वर मिश्रा ने कहा
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