पंडित दीनदयाल उपाध्याय हमारी प्रेरणा मनोज तिवारी*
उत्तर पूर्वी जिला कार्यालय पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर गोष्ठी में बोलते हुए मनोज तिवारी ने बताया की पंडित जी हमारी प्रेरणा है आज अंत्योदय और एकात्ममानवाद का विश्लेषण करें पता चलता है की पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने हमेशा अंतिम पंति में बैठे व्यक्ति की भी चिंता करना। गरीब शोषित वंचित को आगे लेकर आने की सोच रखने वाले सिद्धांत को दीन दयाल उपाध्याय ने सोचा। सेल्फहैंड यानी की खुद से छोटे छोटे कार्य करके समाज में आगे बढ़ना। आज बहुत से छोटे छोटे समूह मिलकर स्वदेशी कार्यों में लिप्त है ये सब दीनदयाल जी की प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रहे है।
डॉ यू के चौधरी ने बताया एकात्ममानवाद की परिभाषा को देखा जाए तो इसमें एकात्म मानववाद एक ऐसी धारणा है जो सर्पिलाकार मण्डलाकृति द्वारा स्पष्ट की जा सकती है जिसके केंद्र में व्यक्ति, व्यक्ति से जुड़ा हुआ एक घेरा परिवार, परिवार से जुड़ा हुआ एक घेरा -समाज, जाति, फिर राष्ट्र, विश्व और फिर अनंत ब्रह्माण्ड को अपने में समाविष्ट किये है।
बैठक में मोहन गोयल राज कुमार झा विनोद जायस प्रमोद गुप्ता अनिल गौड़ जगत नारायण गुप्ता मीडिया प्रभारी दीपक चौहान भाजपा नेता आनंद त्रिवेदी मुकेश गोयल जितेंदर शर्मा अनिल त्यागी हितेंदर त्यागी अनंत गोपाल बिट्टू राकेश देढ़ा सत कुमार शर्मा अमर राय, नेहा उप्रेती आदि लोग उपस्थित रहे।
Comments
Post a Comment