हिन्दू–मुस्लिम एकता की मिसाल बनी दौराला की रामलीला
दौराला कस्बे में गन्ना समिति अध्यक्ष भोलू सदस्य हाजी परवेज़ व रामलीला कमेटी के तत्वावधान में श्रीरामलीला मंचन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुस्लिम समाज के लोगों ने कर हिन्दू–मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल पेश की।
रामलीला के मंच का उद्घाटन वरिष्ठ समाजसेवी शाहवेज़ अंसारी व सय्यद रिहानुद्दीन फलावदा ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
उद्घाटन अवसर पर शाहवेज़ अंसारी ने कहा –
“सात संदूक़ों में भर कर दफ़्न कर दो नफ़रतें, आज इंसाँ को मोहब्बत की ज़रूरत है।”
उन्होंने कहा कि आज जब समाज में नफ़रत फैलाने वाली ताक़तें सक्रिय हैं, ऐसे समय में ज़रूरी है कि हिन्दू–मुस्लिम मिलकर मोहब्बत और भाईचारे का संदेश दें। रामलीला मंचन हमें अच्छाई के मार्ग पर चलने और समाज में एकता व सद्भावना बनाए रखने की सीख देता है।
सय्यद रिहानुद्दीन फलावदा ने अपने संबोधन में कहा कि रामायण का सबसे बड़ा संदेश यही है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली हो, अंततः जीत हमेशा अच्छाई की होती है। रामलीला मंचन हमें अच्छाई के मार्ग पर चलने और समाज में एकता व सद्भावना बनाए रखने की सीख देता है।
इस अवसर पर कस्बे के सैकड़ों लोग मौजूद रहे और सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया। आयोजन के बाद क्षेत्रवासियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वास्तव में दौराला ने पूरे प्रदेश के लिए एक नई मिसाल कायम की है।
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