सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने डॉक्टर मोहम्मद फ़ाज़िल से की मुलाक़ात, क्या रोहिलखंड की राजनीति के बदलेंगे समीकरण?



रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी 

बरेली, आला हज़रत सर्जिकल एंड ट्रामा सेंटर के डायरेक्टर समाजसेवी डॉक्टर मोहम्मद फ़ाज़िल से आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद   का अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर डॉक्टर मोहम्मद फ़ाज़िल से मुलाक़ात और 45 मिनट तक बंद कमरे में हुई  बातचीत से राजनीतिक चर्चाओं के बाज़ार गर्म हो रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉक्टर फ़ाज़िल वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में बिथरी चैनपुर विधानसभा से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे, परंतु सपा में बैठे राजनीतिक डायनासोरों से डॉक्टर फ़ाज़िल की सामाजिक लोकप्रियता बर्दाश्त ना होने के कारण हमेशा बाधा बने रहे, वही डॉक्टर मोहम्मद फ़ाज़िल ने 2022 के चुनाव के बाद बरेली मंडल के 25 विधानसभा क्षेत्रों में अपने आप को सक्रिय करते हुए सभी विधानसभा क्षेत्र का गोपनीय दौरा कर मंसूरी समाज के लोगों को संगठित करना शुरू कर दिया। लगातार डॉक्टर फ़ाज़िल की बढ़ती सक्रियता और प्रदेश में बेदाग़ छवि और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने से जो मजबूत जनाधार डॉक्टर फ़ाज़िल ने तैयार किया है यह उसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने बरेली में अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर डॉक्टर मोहम्मद फ़ाज़िल से मुलाक़ात कर उनके साथ राजनीतिक चर्चा की उस दौरान भी राजनीतिक चर्चाओं के बाजार गर्म हैं , और आज एक बार फिर डॉक्टर मोहम्मद फ़ाज़िल से आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद से मुलाक़ात ने राजनीतिक गलियारों में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। वहीं सपा के एक दिग्गज़ नेता ने हमारे संवाददाता को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगर डॉक्टर मोहम्मद फ़ाज़िल
का सपा से मोह भंग हो जाता है या किसी अन्य पार्टी में जाते हैं, जैसी की चर्चाएं हैं कि बसपा, कांग्रेस, लंबे समय से प्रयासरत है और अब सांसद चंद्रशेखर आज़ाद का आला हज़रत हॉस्पिटल आकर डाक्टर फ़ाज़िल से मुलाक़ात करना इस बात का संकेत है कि अगर डॉक्टर फ़ाज़िल का सपा से मोह भंग होने पर उनके समाज ने सपा का समर्थन करना बंद कर दिया तो बरेली ही नहीं पूरे मंडल में सपा को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है?

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