सर सैयद ने हिंदू -मुस्लिम को बताया राष्ट्र की दो आँखें पीलीभीत में गूंजा सर सैयद का विज़न*

शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत*  


17 अक्टूबर, शुक्रवार को पीलीभीत में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के संस्थापक, महान शिक्षाविद और समाज सुधारक सर सैयद अहमद खान को उनकी 208 वीं जयंती पर श्रद्धापूर्वक याद किया गया l भव्य आयोजन और विचार गोष्ठी पीलीभीत के सिटी पैलेस  में आयोजित  की गई कार्यक्रम में एएमयू के पूर्व छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत कुरान ख्वानी से हुई, उसके बाद वक्ताओं ने 
"सर सैयद का विज़न और आधुनिक भारत में शिक्षा की भूमिका"। पर विस्तार से चर्चा की गोष्ठी में वक्ताओं ने जोर दिया कि सर सैयद अहमद खान केवल एक विश्वविद्यालय के संस्थापक नहीं थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी थे जिन्होंने 19वीं शताब्दी के अंत में ही यह समझ लिया था कि मुस्लिम समाज और राष्ट्र की प्रगति केवल आधुनिक विज्ञान और तर्कसंगत शिक्षा को अपनाने से ही संभव है। ओल्ड बॉयज़ एसोसिशन के अध्यक्ष एम ए जिलानी ने कहा कि 
सर सैयद के ख़िदमाती कामों को नहीं भुलाया जा सकता उनका कहना था एक हाथ में कुरान और दूसरे में विज्ञान की पुस्तक होनी चाहिए। उन्होंने धार्मिक आस्था और वैज्ञानिक चेतना के बीच समन्वय स्थापित करने का मार्ग दिखाया। आज, जब दुनिया तेज़ी से बदल रही है, पीलीभीत के युवाओं को उनका यह संदेश अपनाना चाहिए।"
एम ए जिलानी ने अपने वक्तव्य में कहा कि एएमयू ने लाखों छात्रों को ज्ञान का प्रकाश दिया है। उन्होंने पीलीभीत के छात्रों से आह्वान किया कि वे रूढ़िवादी सोच से बाहर निकलकर प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के क्षेत्रों में आगे बढ़ें, यही सर सैयद को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

वक्ताओं ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि सर सैयद ने हिन्दू और मुस्लिम समुदायों को एक राष्ट्र की दो सुंदर आँखें बताया था और हमेशा सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा दिया। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने यह प्रण लिया कि वे सर सैयद के आदर्शों को अपने जीवन में उतारेंगे और पीलीभीत जिले में शिक्षा के स्तर को उन्नत बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
कार्यक्रम का समापन एएमयू के तराने के साथ हुआ, जिसने सभी पूर्व छात्रों को भावुक कर दिया। पीलीभीत का यह आयोजन एक बार फिर यह साबित करता है कि सर सैयद अहमद खान का शैक्षिक आंदोलन आज भी देश के कोने-कोने में शिक्षा की ज्योति जला रहा है और पीढ़ी दर पीढ़ी को प्रेरित कर रहा है कार्यक्रम की सफलता में जावेद अहमद ,नासिर कमाल ,वसीम ख़ान , मोहम्मद नदीम ,अख़लाक़ हसन ख़ान , कमालुद्दीन ख़ान विशेष सहयोग रहा 
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ 
यह आयोजन न केवल सर सैयद के तालीमी मिशन को आगे बढ़ाने की एक महान पहल थी, बल्कि सामाजिक एकता, सहयोग, और तालीमी जागरूकता की एक प्रेरणादायी मिसाल भी बन गया।

Comments

Popular posts from this blog

जमा-ए-अनवर पब्लिक स्कूल में प्ले ग्रुप से कक्षा 8वीं तक का परीक्षा फल वितरण हुआ रिपोर्ट कार्ड देखकर बच्चों के खिल उठे चेहरे*

बरेली शहर सीट पर सपा के ‘एजुकेशन आइकन’ मोहम्मद कलीमुद्दीन की दमदार दावेदारी, हजारों छात्रों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाकर बनाई मजबूत पहचान

पुलिस ने उसके बाप व भाई का भी धारा 170 बी एन एस एस में चालान कर एसडीएम नगीना की न्यायालय में पेश किया गया। जहां से दोनों को जमानत नहीं मिलने पर बेकसूर बाप बेटे को जाना पड़ गया जेल।