पक्षीय सत्यापन पर सवाल उठते थे। किस-किस को प्रभावित करेगा?

यूपी सरकार ने लिया बड़ा फैसला — अब Aadhaar Card नहीं चलेगा जन्म ­तिथि प्रमाण के रूप में

रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी 

लखनऊ / 28 नवम्बर 2025 — उत्तर प्रदेश सरकार (यूपी सरकार) ने बड़ा फैसला लिया है। अब आधार कार्ड को जन्म प्रमाण पत्र (Date of Birth Certificate) या जन्मतिथि (DOB) के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। 
क्या बदला है?
राज्य के नियोजन विभाग ने सभी विभागों को निर्देश जारी किया है कि आधार कार्ड को सरकारी कामकाज, भर्ती, सेवाओं, पहचान व अन्य सभी प्रक्रियाओं में DOB का प्रमाण न माना जाए। 
कारण — आधार कार्ड में दर्ज जन्म-तिथि को कोई प्रमाणित जन्म प्रमाण पत्र (जैसे अस्पताल/नगर निकाय द्वारा जारी Birth Certificate) या स्कूल/रिकॉर्ड डॉक्स से वेरिफाई नहीं किया जाता। इसलिए आधार को “DOB प्रमाण” नहीं माना जा सकता। 
 क्यों किया गया ये फैसला?
सरकार का कहना है कि अक्सर आधार कार्ड को ही उम्र या जन्मतिथि साबित करने के लिए भेजा जाता था, जबकि आधार बनाते समय जन्मतिथि की जानकारी व्यक्ति द्वारा ही दी जाती है — न कि किसी प्रमाणित रिकॉर्ड से। इससे DOB की विश्वसनीयता और न्याय-
जिन लोगों ने अपने आधार कार्ड को सरकारी सेवाओं, नौकरी, पेंशन, लाइसेंस, योजनाओं या अन्य पहचान/उम्र-आधारित दस्तावेज़ों के लिए DOB प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया है।

जिनके पास जन्म प्रमाण पत्र या वैध Birth Certificate नहीं था, उन्हें अब नया Birth Certificate बनवाना पड़ेगा।
आवेदन/सत्यापन प्रक्रियाएँ — जैसे भर्ती, पेंशन, प्रमाण पत्र बनवाना, सरकारी योजनाओं आदि में बदलाव आएंगे।
अब आगे क्या करना चाहिए?
अगर आपके पास अभी तक जन्म प्रमाण पत्र (जन्म तिथि प्रमाण) नहीं है — जैसे अस्पताल, नगर निकाय, या गांव पंचायत द्वारा जारी किया गया — तो तत्काल जन्म प्रमाण पत्र बनवाएं। सरकारी विभागों में आगे आवेदन करते समय वही मान्य होगा।

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