जामा ए अनवर पब्लिक स्कूल में AI-Aartificial Intelligence सेमिनार का आयोजन हुआ।*
शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत*
पीलीभीत : कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मो० शोएब जो कि इण्टरनेशनल AI (ए०आई०) साफटवेयर में आर्किटेक्ट है, उन्होने अपने सम्बोधन में कहा
आज मैं आपके सामने AI-Aartificial Intelligence जैसे एक महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार रखने जा रहा हूँ। एक ऐसा शब्द जिसने दुनिया की गति ही बदल दी है और बदल भी रहा है। दोस्तो यह 21वी सदी तकनीक की सदी है हम बात कर रहे है उस तकनीक की जिसने हमारी सोच को हमारी जिंदगी को और हमारे भविष्य को बदलकर रख दिया है। आज के वक्त में AI कोई भविष्य की कल्पना नहीं ये आज की सच्चाई है हमारे सुबह के अलार्म से लेकर रात तक मोबाइल इंटरनेट स्मार्ट डिवाइस सबमें कहीं न कहीं AI का जादू छिपा होता है और आपने कभी सोचा है कि बिना ड्राइवर कारे कैसे चल रही है, मोबाइल आपके चेहरे को देखकर अनलॉक कैसे हो जाता है चैटबॉटस कैसे आपकी ही भाषा में आपसे बात करते है इन सबके पीछे भी AI है। आखिर AI है क्या? मशीनो को इतना बुद्धिमान कि वह इंसानो की तरह सोच सकें, सीख सकें और फैसले ले सके आज AI हमारे घरो मे मोबाइल में और ऑफिस में है और आने वाले वक्त में हमारा सबसे बडा साथी बनने वाला है AI हमें सिर्फ तेजी से काम नहीं करवाता बल्कि कहीं न कहीं हमारी जिन्दगी को स्मार्ट सुरक्षित और व्यवस्थित भी बनाता है AI हर क्षेत्र मे बढ़ता जा रहा है। आज डाक्टर AI की मदद से बड़े-बड़े रोगों का पता लगा रहे हैं। किसानों के खेतो में AI मौसम का हाल बताकर मदद कर रहा है। Student अपनी पढाई को AI की मदद से आसान बना रहे है। AI सिर्फ एक टैक्नोलॉजी नहीं बल्कि आने वाले कल का नया चेहरा है। आने वाले वक्त में AI घर संभालेगा। काम आसान करेगा और पूरी दुनिया को एक नए युग में ले जाएगा। लोग कहते है-21 वी सदी कम्प्यूटर की थीं, पर 22वी सदी AI की होगी।
जहाँ इसके एक तरफ बहुत से फायदे हैं वहीं इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं जिस तरह से मशीने कई काम इंसानो से तेज रफ्तार में कर रही है, जिस वजह से कुछ लोगों की नौकरियों पर खतरा बढ़ सकता है, AI पर बहुत ज्यादा Depend होने से हमारी Creativity सोचने की क्षमता और याददाशत भी कमजोर पड़ सकती है Data और Privacy का भी खतरा बढ़ सकता है। क्योंकि ज्यादा Data Share करने से हमारी Privacy पर भी खतरा हो सकता है। क्योंकि गलत Data मिलने पर AI गलत फैसले भी ले सकता है। ये सारे ऐसे मुद्दे हैं जिन पर पूरी दुनिया सोच रही है। इसलिए हमे AI का Use Smartly और जिम्मेदारी से करना होगा कुल मिलाकर AI एक शक्तिशाली उपकरण है न अच्छा और न ही बुरा, बस एक तकनीक इसे कैसे Use करना है यह हम पर Depend करता है। क्योंकि तकनीक तभी महान होगी जब इसका Use सही दिशा में होगा।
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि श्री हाजी विसालउद्दीन कार्यक्रम के सफल होने पर सभी वक्ताओं को शुक्रिया कहा अन्त में मैनेजिंग डायरेक्टर डा० बिलाल हसन चिश्ती ने सभी महमानों व मीडिया कर्मियों का धन्यवाद किया। प्रधानाचार्य डा० बुशरा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को जागरूक करने के लिए किये जाते है जिससे की बच्चों को पता चल सके कि दुनिया किस रफ्तार से आगे बढ़ रही है और हम इस दुनिया को कैसे पकड़ सकते है।
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