भाजपा ने साधा कुर्मी वोट बैंक, पंकज चौधरी बने यूपी भाजपा के चौथे कुर्मी अध्यक्ष

रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी 
 
 गोरखपुर के दिग्गज नेता और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, पार्टी ने 2027 की तैयारी में पिछड़ा वर्ग समीकरण को साधने की शुरू की रणनीति
लखनऊ, भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए गोरखपुर के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया है। पंकज चौधरी अब तक के चौथे कुर्मी जाति के भाजपा अध्यक्ष बने हैं। उनसे पहले यह जिम्मेदारी विनय कटियार, ओम प्रकाश सिंह और स्वतंत्र देव सिंह संभाल चुके हैं।

पंकज चौधरी की राजनीतिक यात्रा पार्षदी से शुरू हुई थी। वे गोरखपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर रह चुके हैं और 1991 में पहली बार सांसद बने थे। छह बार सांसद रह चुके पंकज चौधरी भाजपा के उन अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं, जिनकी जमीनी पकड़ मजबूत मानी जाती है। इसके अलावा वे ‘राहत रूह तेल कंपनी’ के मालिक भी हैं।

कुर्मी वोट बैंक को साधने की कोशिश:

उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुर्मी समाज एक अहम भूमिका निभाता है। 2024 लोकसभा चुनाव में प्रदेश से 11 कुर्मी सांसद निर्वाचित हुए थे, जिनमें से 7 समाजवादी पार्टी और 3 भाजपा से थे। भाजपा नेतृत्व अब नहीं चाहता कि कुर्मी वोटों का ध्रुवीकरण विपक्ष की ओर हो। पंकज चौधरी को अध्यक्ष बनाना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

राजनीतिक संतुलन और 2027 की तैयारी:
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने पंकज चौधरी को अध्यक्ष बनाकर न केवल कुर्मी समाज बल्कि पूरे पिछड़ा वर्ग समीकरण को साधने की कोशिश की है। इससे पार्टी को पूर्वांचल के साथ-साथ पूरे प्रदेश में संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

गोरखपुर के निवासी पंकज चौधरी की छवि एक सुलझे हुए, सरल और संगठनप्रिय नेता के रूप में जानी जाती है। उनकी नियुक्ति को भाजपा के लिए आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक तौर पर अहम फैसला माना जा रहा है।

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