मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित बसंत कुंज में राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल का निरीक्षण किया
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित बसंत कुंज क्षेत्र में बन रहा राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल अपने भव्य स्वरूप की अंतिम तैयारियों में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया और अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। यह वही स्थल है जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 25 दिसंबर को करेंगे — यह दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के रूप में मनाया जाता है।
65 एकड़ में फैला प्रेरणा स्थल आधुनिक भारत के तीन महान नेताओं — डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी — के विचारों और योगदान को समर्पित है। यहां इन तीनों महापुरुषों की 65 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा देंगी।
भव्य तैयारियां और विशाल जनसमारोह की योजना:
कार्यक्रम स्थल पर करीब 1.5 लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के आगमन को ध्यान में रखते हुए तीन हेलीपैड बनाए गए हैं। सुरक्षा, पार्किंग, आवागमन और मीडिया कवरेज के लिए विस्तृत इंतज़ाम किए जा रहे हैं।
स्थल परिसर में एक विशाल म्यूजियम भी तैयार किया गया है, जिसमें तीनों राष्ट्रनायकों के जीवन, विचारों, भाषणों और देशहित में किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, स्थल के चारों ओर हरियाली और वॉटरफॉल लैंडस्केपिंग की गई है, जो इसे एक आकर्षक पर्यटन स्थल का रूप देगी।
उद्घाटन के बाद कवि सम्मेलन का आयोजन:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन कार्यक्रम के बाद एक भव्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन होगा। इस सम्मेलन में देशभर के प्रसिद्ध कवि भाग लेंगे और अटल बिहारी वाजपेयी की काव्य-धारा को अपनी रचनाओं से श्रद्धांजलि देंगे।
मुख्यमंत्री का संदेश:
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि “राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि यह राष्ट्रसेवा, समर्पण और वैचारिक एकता का प्रतीक बनेगा। हमें इसे देश की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा केंद्र बनाना है।”
लखनऊ के इस राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के उद्घाटन को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में उत्साह का माहौल है। माना जा रहा है कि उद्घाटन समारोह में देशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और कवि-लेखक भी शामिल होंगे।
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