उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बढ़ते नशे के खिलाफ आज सैकड़ों विद्यार्थियों ने एकजुट होकर हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया
3 दिसम्बर 2025 उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बढ़ते नशे के खिलाफ आज सैकड़ों विद्यार्थियों ने एकजुट होकर हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया और इलाके में फल-फूल रहे नशे के कारोबार पर तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की। यह अभियान भारत की जनवादी नौजवान सभा और महिला समिति की ओर से यमुना विहार सी-ब्लॉक स्थित स्कूल के पास चलाया गया, जिसमें स्कूली छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपना समर्थन दर्ज किया। नशे के खिलाफ पर्चा वितरण किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशा मुक्त मोहल्ला, नशा मुक्त स्कूल और नशा मुक्त दिल्ली के नारे बुलंद किए और हस्ताक्षर के ज़रिए प्रशासन को संदेश दिया कि अब चुप्पी नहीं, कार्रवाई चाहिए। अभियान में कई छात्र-छात्राओं ने बताया कि उनके आसपास के पार्कों, गली-कूचों और स्कूलों के बाहर नशे का सामान आसानी से मिल जाता है, जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है।
भारत की जनवादी नौजवान सभा के राज्य सचिव अमन सैनी ने कहा कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है और अब युवा ही नहीं, छोटे-छोटे बच्चे भी नशे के जाल में फंसते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन नशे को रोकने में नाकाम रहा है और अमित शाह के नेतृत्व वाली पुलिस नशा कारोबारियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है, जिसके चलते युवाओं में अपराध, झगड़े और छेड़खानी जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
संगठनों ने मांग की कि प्रशासन तुरंत नशे के हॉटस्पॉट चिन्हित करे, वहां लगातार छापेमारी और सख्त निगरानी की व्यवस्था की जाए और बड़े सप्लायरों तक पहुंचकर उन्हें कानूनी गिरफ्त में लिया जाए। साथ ही, स्कूलों और कॉलेजों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम, काउंसलिंग कैंप और नशामुक्ति केंद्रों से समन्वय बनाकर प्रभावित युवाओं के पुनर्वास की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें अपराध नहीं, शिक्षा और रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
महिला समिति की प्रतिनिधियों ने कहा कि नशे के कारण मोहल्लों में असुरक्षा का माहौल पैदा हो रहा है और लड़कियों व महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटनाओं में इजाफा देखा जा रहा है, इसलिए यह सिर्फ युवाओं का नहीं, पूरे समाज की सुरक्षा का सवाल है। उन्होंने अपील की कि अभिभावक, शिक्षक, धार्मिक व सामाजिक संगठन मिलकर बच्चों पर नज़र रखें, नशे के खिलाफ खुलकर आवाज़ उठाएं और प्रशासन पर लगातार दबाव बनाएं, ताकि क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
भारत की जनवादी नौजवान सभा और महिला समिति ने घोषणा की कि अगर जल्द ही नशे के अड्डों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर जनपरिषदें, पैदल यात्राएँ और धरना-प्रदर्शन आयोजित करेंगे और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उत्तर-पूर्वी दिल्ली के युवाओं का भविष्य नशे के साए से सुरक्षित नहीं हो जाता।
अमन सैनी, Dyfi राज्य सचिव
8053573573
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