जामिया तुल अबरार नगीना में एक वर्ष में 14 छात्रों ने हिफ़्ज़-ए-क़ुरआन पूरा कियादीनी और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण, वार्षिक समारोह भव्य रूप से सम्पन्न


नगिना (बिजनौर):
जामिया तुल अबरार नगीना ने दीनी और आधुनिक शिक्षा के सफल समन्वय की एक प्रभावशाली मिसाल पेश करते हुए चालू शैक्षणिक सत्र में 14 छात्रों को हाफ़िज़-ए-क़ुरआन बनाया है। इस प्रकार संस्था के 13 वर्षों के संक्षिप्त काल में हिफ़्ज़ पूरा करने वाले छात्रों की कुल संख्या 75 तक पहुँच गई है।
इस अवसर पर जामिया तुल अबरार नगीना एवं A.U. Junior High School का संयुक्त वार्षिक समारोह गुरुवार की देर शाम रॉयल बैंक्वेट हॉल, नगीना में बड़े हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया, जिसमें उलेमा, शिक्षाविदों, सामाजिक प्रतिनिधियों और आम जनता की बड़ी भागीदारी रही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौलाना मोहम्मद अंसार क़ासमी रामपुरी तथा मौलाना मोहम्मद फ़ैसल मुरादाबादी (दारुल उलूम लंदन, इंग्लैंड) उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हज़रत मौलाना मुफ्ती फ़हीम अहमद साहब नगीनवी ने की।
कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध वक्ता एवं लेखक सुल्तान-उल-क़लम मुफ्ती मोहम्मद अनस  बिजनौरी (डायरेक्टर, मरकज़ दारुल ईमान अलीपुरा जट्ट) ने किया।
अपने संबोधन में मौलाना मोहम्मद अंसार क़ासमी ने कहा कि दीनी संस्थानों के साथ-साथ स्कूलों में इस्लामियात का सशक्त और प्रभावी विभाग होना समय की आवश्यकता है।
वहीं मौलाना मोहम्मद फ़ैसल मुरादाबादी ने कहा कि यदि बच्चे हाफ़िज़, आलिम और मुफ़्ती बनने के साथ डॉक्टर और इंजीनियर भी बनें, तो समाज शीघ्र ही इस्लामी मूल्यों से ओत-प्रोत हो जाएगा।
इस अवसर पर आधुनिक शिक्षा से जुड़े शिक्षक मास्टर इज़हार अहमद ने जामिया तुल अबरार की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्था का सपना क़ौम को ऐसे व्यक्ति देना है जो दीनी सोच के साथ आधुनिक दुनिया को भी समझ सकें और दोनों को साथ लेकर चलें।
संस्था के संस्थापक मुफ़्ती फ़हीम अहमद साहब नगीनवी ने कहा कि जामिया तुल अबरार में छात्रों पर प्रारंभ से ही लक्ष्य आधारित मेहनत कराई जाती है और हिफ़्ज़ के साथ-साथ अंग्रेज़ी माध्यम की आधुनिक शिक्षा भी दी जाती है।
संस्था की वार्षिक शैक्षणिक रिपोर्ट
मुफ़्ती अहमद सिद्दीकी साहब, उस्ताद जामिया (विभाग: इस्लामिक स्टडीज़) ने प्रस्तुत की।
इसके बाद अकादमिक हेड मुफ़्ती मोहम्मद सिद्दीकी अल-क़ासमी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जामिया की इन उपलब्धियों के पीछे संस्थापक मुफ़्ती फ़हीम अहमद साहब की अथक मेहनत, त्याग और निरंतर प्रयासों के साथ-साथ शिक्षकों — मास्टर इज़हार अहमद, मुफ़्ती अहमद साहब, क़ारी मोहम्मद मेहताब, क़ारी जान मोहम्मद, क़ारी मोहम्मद जुनैद, क़ारी मोहम्मद फ़ैज़ान आदि की ईमानदार मेहनत शामिल है।
उन्होंने जामिया के सहयोगियों और विशेष रूप से मासिक सदस्य  बनने वाले सहायकों का आभार व्यक्त किया, जो संस्था के उद्देश्यों को साकार करने में निरंतर सहयोग कर रहे हैं।
कार्यक्रम में जमीयत उलमा-ए-हिंद बिजनौर के ज़िलाध्यक्ष मुफ़्ती मोहम्मद ओवैस अकरम, शेख़ शाहनवाज़ ख़लील चेयरपर्सन पुत्र व जिला  चेयरमैन संघ के जिला (अध्यक्ष) सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Comments

Popular posts from this blog

जमा-ए-अनवर पब्लिक स्कूल में प्ले ग्रुप से कक्षा 8वीं तक का परीक्षा फल वितरण हुआ रिपोर्ट कार्ड देखकर बच्चों के खिल उठे चेहरे*

बरेली शहर सीट पर सपा के ‘एजुकेशन आइकन’ मोहम्मद कलीमुद्दीन की दमदार दावेदारी, हजारों छात्रों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाकर बनाई मजबूत पहचान

पुलिस ने उसके बाप व भाई का भी धारा 170 बी एन एस एस में चालान कर एसडीएम नगीना की न्यायालय में पेश किया गया। जहां से दोनों को जमानत नहीं मिलने पर बेकसूर बाप बेटे को जाना पड़ गया जेल।