1987 के बाद पहली बार — किसानों के लिए स्पेशल ट्रेन, यह है भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की ताकत

मेरठ/प्रयागराज।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह संगठन सिर्फ बयान नहीं देता, नतीजे लेकर आता है। वर्ष 1987 के बाद पहली बार देश में किसानों के लिए किसी संगठन को विशेष (स्पेशल) ट्रेन उपलब्ध कराई गई है। यह ऐतिहासिक फैसला भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की एकता, संघर्ष और शीश नेतृत्व क्षमता का परिणाम है।
   प्रयागराज से मेरठ किसानों को ले जाने के लिए स्पेशल ट्रेन मिलना अपने आप में इतिहास है। इस पूरे घटनाक्रम का श्रेय संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ठाकुर राजेश चौहान जी को जाता है, जिनके एक फोन कॉल पर ही रेलवे प्रशासन को फैसला बदलना पड़ा।
मिराज मलिक ने बताया कि जब रेलवे प्रशासन किसानों की मांग को टालने का प्रयास कर रहा था, तब जिला अध्यक्ष श्री कालू प्रधान किसानों के साथ मजबूती से खड़े रहे और कार्यकर्ताओं के साथ ट्रेन के आगे बैठ गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला अध्यक्ष कालू प्रधान की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ठाकुर राजेश चौहान जी से सीधी टेलीफोन वार्ता हुई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिना देर किए जिला अध्यक्ष को स्पष्ट शब्दों में आश्वासन दिया—
“ट्रेन मिलेगी, किसी भी किसान को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।”
इसके तुरंत बाद रेलवे प्रशासन को घोषणा करनी पड़ी कि किसानों के लिए स्पेशल ट्रेन लगाई जा रही है। यह फैसला साबित करता है कि जब किसान संगठित होता है और नेतृत्व मजबूत होता है, तो व्यवस्था को झुकना पड़ता है।
यह उपलब्धि सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान, हक और अधिकार की जीत है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) का हर कार्यकर्ता इस संघर्ष पर गर्व करता है।
किसान एकता ज़िंदाबाद
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ज़िंदाबाद ✊

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