राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को रिहा करो, अमेरिका की हस्तक्षेपकारी और आक्रमणकारी गतिविधियों पर रोक लगाओ
एस ए बेताब
मेरठ:आज जनवादी लेखक संघ मेरठ इकाई ने भारत की राष्ट्रपति महोदया को एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के खिलाफ, भारत सरकार यूएनओ और इंटरनेशनल कोर्ट आफ जस्टिस में तुरंत प्रभावी कार्यवाही की पहल करे। जनवादी लेखक संघ मेरठ की जिला इकाई अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए आतंकवादी, एकतरफा और मनमाने हमलों का जोरदार विरोध करती है।
अमेरिका के राष्ट्रीय अध्यक्ष ट्रंप द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर लगाए गए तमाम आरोप में बिल्कुल बेबुनियादी, मनमाने, साजिश के तहत, सोचे समझे और निराधार हैं। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए हमले वेनेजुएला के तेल, गैस और दूसरे प्राकृतिक संसाधनों पर जबरदस्ती कब्जा करने के लिए किए गए हैं। ट्रंप के आदेश पर वहां की सेना द्वारा वेनेजुएला पर किए गए हमले और राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी की मनमानी और गैरकानूनी गिरफ्तारी और अपहरण यूएनओ के बुनियादी सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन है। यह जनतांत्रिक देश की संप्रभुता पर मनमाना हमला है, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला, अमेरिका द्वारा दुनिया पर अपना साम्राजवादी वर्चस्व कायम करने की मुहिम का सोचा समझा हिस्सा है। अमेरिका का वेनेजुएला पर किया गया यह हमला आजादी, जनतंत्र और संप्रभुता के सिद्धांतों के बिलकुल खिलाफ है। इन्हें किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि भारत सरकार यूनएनओ और इंटरनेशनल कोर्ट आफ जस्टिस में अमेरिका के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ, तुरंत प्रभावी कानूनी कार्यवाही करने की पहल करे।
हमारी मांगे इस प्रकार हैं ,,,,
1. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को ससम्मान तुरंत रिहा किया जाए,
2. अमेरिका वेनेजुएला के तेल, गैस और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने की मुहिम को खत्म करे,
3. ट्रंप द्वारा क्यूबा, मेक्सिको, ग्रीनलैंड और कोलंबिया को दी जा रही धमकियों पर तुरंत रोक लगाई जाए,
4. यूएनओ तत्काल मीटिंग बुलाकर, अमेरिका की एकतरफा, मनमानी, साम्राज्यवादी वर्चस्ववादी और आतंकवादी हमले की निंदा करे और और ट्रंप के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने पर, तुरंत सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई करे और राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को 10-10 करोड़ का मुआवजा दिलाया जाए।
प्रदर्शन करने वालों में घासीराम मलिक उपाध्यक्ष, मुनेश त्यागी सचिव, मंगल सिंह मंगल सह सचिव, धर्मपाल सिंह मित्रा कोषाध्यक्ष, महकार सिंह, विक्रम सिंह, विनोद कुमार, असलम खान, जी पी सलोनिया, जितेंद्र पांचाल, प्रवीण कुमार, मयराज पठान, एस ए बेताब, अतुल त्यागी, संयम पांचाल, ब्रजवीर सिंह आदि लेखक और दूसरे लोग शामिल थे।
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