मायावती बोलीं- झुकने और डरने वाली नहीं हूं, बीएसपी को सत्ता में लाना बेहद जरूरी
लखनऊ से मुस्तकीम मंसूरी की रिपोर्ट
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शार्ट सर्किट से मचा हड़कंप, फायर सिलेंडर से बुझाई गई चिंगारिया
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विरोधियों पर करारा प्रहार करते हुए कई अहम बातें कहीं। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन संतों और महापुरुषों के बताए रास्ते पर चलने के लिए समर्पित कर दिया है और जब तक वे जिंदा रहेंगी तथा उनका स्वास्थ्य ठीक रहेगा, तब तक वे समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के लिए काम करती रहेंगी।
मायावती ने कहा कि वे झुकने और डरने वाली नहीं हैं, और बीएसपी आंदोलन को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देंगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सचेत रहने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस और बीजेपी तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर बहुजन समाज पार्टी को कमजोर करने की कोशिश करती रहती हैं, इसलिए हर कार्यकर्ता को जागरूक रहना चाहिए।
ईवीएम पर सवाल, बैलट से चुनाव कराने की मांग
मायावती ने ईवीएम पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए कहा कि ईवीएम हमारी मुश्किलें न बढ़ाए। उन्होंने कहा कि कई देशों में ईवीएम को हटाकर फिर से बैलट पेपर से चुनाव कराए जा रहे हैं, इसलिए भारत में भी इस पर विचार होना चाहिए।
मायावती ने कहा कि अगर ईवीएम में धांधली नहीं हुई तो बीएसपी को अच्छे परिणाम मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर चुनाव आयोग निष्पक्षता के साथ फैसला ले तो देश में बैलट पेपर से चुनाव कराए जाने पर विचार हो सकता है।
गठबंधन पर बड़ा बयान “हम सभी चुनाव अकेले लड़ेंगे”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने गठबंधन की राजनीति पर भी स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि बीएसपी का अनुभव बताता है कि गठबंधन से फायदा कम और नुकसान ज्यादा होता है।
मायावती ने कहा कि जब भी बीएसपी गठबंधन करती है तो दलित वोट तो गठबंधन दलों को मिल जाता है, लेकिन सवर्ण समाज का वोट हमें नहीं मिलता।
उन्होंने साफ किया कि बीएसपी उत्तर प्रदेश समेत देशभर में अब सभी चुनाव अकेले लड़ेगी।
उनका कहना था, अगर भविष्य में कभी भरोसा हो जाए कि गठबंधन वाली पार्टी हमें अपर कास्ट का वोट दिला सकती है, तभी इस पर विचार करेंगे। लेकिन इसमें अभी कई साल लगेंगे।
ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश
मायावती ने कहा कि ब्राह्मण समाज की उपेक्षा को लेकर बीएसपी चिंतित है।
उन्होंने बताया कि ब्राह्मण समाज के विधायकों के साथ हुई बैठक में उनकी समस्याओं और उपेक्षा पर चर्चा की गई।
उन्होंने कहा, “बीएसपी ने हमेशा ब्राह्मण समाज को प्रतिनिधित्व दिया है, इसलिए उन्हें किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए। किसी का ‘बाटी-चोखा’ खाने से अच्छा है कि वे सम्मानजनक राजनीति का हिस्सा बनें।
मायावती ने यह भी कहा कि ब्राह्मणों पर किसी तरह का अत्याचार न हो, इसके लिए बीएसपी की सरकार का बनना जरूरी है।
बीएसपी का लक्ष्य सत्ता में वापसी
मायावती ने कहा कि बीएसपी को सत्ता में लाना बेहद जरूरी है ताकि समाज के सभी वर्गों को न्याय और सम्मान मिल सके।
उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधियों के षड्यंत्रों का पूरा लेखा-जोखा मैं अपने संघर्षमय जीवन और बीएसपी मूवमेंट में जारी करूंगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शार्ट सर्किट से अफरा-तफरी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक शार्ट सर्किट होने से हॉल में धुआं भर गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर अग्निशमन यंत्र (फायर सिलेंडर) का प्रयोग कर आग पर काबू पाया।
हालांकि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना के बाद मायावती ने बिना मीडिया के सवाल लिए ही कॉन्फ्रेंस खत्म कर दी और हाल से रवाना हो गईं।
मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक तरफ जहां उन्होंने आगामी चुनावों में बीएसपी के अकेले मैदान में उतरने की घोषणा की, वहीं ईवीएम पर सवाल उठाकर बैलट से चुनाव कराने की मांग दोहराई।
उन्होंने ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश की और कांग्रेस व बीजेपी पर निशाना साधते हुए बीएसपी को सत्ता में लाने की अपील की।
शार्ट सर्किट की घटना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का समापन अचानक कर दिया, लेकिन मायावती का संदेश साफ था।
मैं झुकने और डरने वाली नहीं हूं, समाज के वंचितों के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करूंगी।
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