लखनऊ सिविल कोर्ट के बाहर रोज का जाम बना मुसीबत: अव्यवस्था से परेशान जनता ने उठाई आवाज



रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी 

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सिविल कोर्ट के बाहर रोज लगने वाला जाम अब जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। हर दिन कोर्ट के बाहर गाड़ियों का मकड़जाल ऐसा फैल जाता है कि राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्थिति यह है कि दूर-दूर से आने वाले वादकारी और अधिवक्ता घंटों तक सड़क पर फंसे रहते हैं।

जाम के कारण: व्यवस्था ध्वस्त, पुलिस नदारद

कोर्ट परिसर के बाहर अवैध पार्किंग, टैक्सी स्टैंड और सड़कों पर फैले अस्थाई दुकानों के कारण स्थिति बद से बदतर हो गई है। सड़कों पर अतिक्रमण और कब्जे के कारण वाहनों के लिए रास्ता बेहद संकरा हो गया है।
स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का कहना है कि यहां पुलिस की मौजूदगी न के बराबर है। जाम चाहे कितना भी लंबा क्यों न हो, ट्रैफिक पुलिस या स्थानीय पुलिसकर्मी शायद ही कभी नजर आते हैं। यही लापरवाही जाम की समस्या को और बढ़ा रही है।

जनता की पुकार: जिम्मेदार अधिकारी करें कार्रवाई

लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। जनता का कहना है कि कोर्ट जैसी संवेदनशील जगह के बाहर अगर ऐसी अव्यवस्था होगी तो यह न सिर्फ आम नागरिकों के लिए मुश्किल है, 

बल्कि कानून व्यवस्था की छवि पर भी सवाल उठाता है।

लोगों ने अपील की है कि अवैध पार्किंग और टैक्सी स्टैंड पर तुरंत रोक लगाई जाए तथा सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।

पुलिस की अनदेखी पर 
सवाल

यह सवाल उठना लाजिमी है कि ट्रैफिक पुलिस आखिर कहां है? क्या वे अपनी जिम्मेदारी भूल गए हैं? आम लोगों की यह परेशानी किसी एक दिन की नहीं, बल्कि रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है। अगर इसी तरह हालात बने रहे तो कोर्ट आने-जाने वाले लोगों के लिए मुश्किलें और बढ़ेंगी।

समाधान के लिए सुझाव

कोर्ट परिसर के बाहर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाए।
सड़कों से अतिक्रमण और अवैध कब्जे को हटाया जाए।
वाहनों के लिए वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था की जाए।
जनता और दुकानदारों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए।

अधिकारियों से अपेक्षा
स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देगा और लखनऊ सिविल कोर्ट के बाहर की अव्यवस्था को जल्द खत्म करेगा, ताकि न्याय के लिए आने वाले लोगों को राहत मिल सके।

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