भमोरा स्वास्थ्य केंद्र की आशा वर्कर ने लगाई गंभीर आरोपों की झड़ी, डॉक्टर पर धमकी देने का भी आरोप
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
बरेली। भमोरा स्वास्थ्य केंद्र में तैनात आशा वर्कर वंदना पांडेय ने मुख्य चिकित्साधिकारी बरेली को एक पत्र देकर स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त अनियमितताओं और धमकियों से जुड़ी गंभीर शिकायत की है। वंदना पांडेय ने अपने पत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भमोरा से जुड़े कई कर्मचारियों और डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रार्थिनी ने बताया कि वह स्वास्थ्य केंद्र भमोरा में आशा वर्कर के रूप में कार्यरत हैं। वहीं श्रीमती नीरज प्रजापति, जिन्हें नोरमपुर में नियुक्ति मिली थी, वह वर्तमान में डॉ. विवेक कुमार की कृपा से बल्लिया अस्पताल में कार्य कर रही हैं, और अवैध रूप से अस्पताल में ही रहती है, डॉ विवेक कुमार सहमति से ही बल्लिया अस्पताल में निवास करती है डॉ विवेक कुमार ने अवैध रूप से अस्पताल में कमरा दे रखा है, जिसमें नीरज प्रजापति का पूरा परिवार रहता है। इस प्रकार सरकार के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। श्रीमती नीरज प्रजापति ही महिलाओं का प्रसव संबंधी कार्य करती है,
वंदना पांडेय ने आगे बताया कि नीरज प्रजापति ही अस्पताल में महिलाओं के प्रसव संबंधी कार्य करती हैं, जबकि यह कार्य वहां तैनात संविदा कर्मी श्रीमती शिखा सक्सेना (एएनएम) का है। यह विभागीय नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि शिखा सक्सेना जो डिलीवरी इंचार्ज है,और उनके पति अतुल सक्सेना आयुष्मान मित्र, दोनों ही अस्पताल में धन उगाही में संलिप्त हैं। साथ ही अतुल सक्सेना बाहरी व्यक्ति हैं और अस्पताल में चिकित्सकीय कार्य करने का कोई अधिकार नहीं रखते।
वंदना पांडेय ने डॉ. विवेक कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अस्पताल में मरीजों से ओपीडी की फर्जी वसूली करते हैं, मरीजों की दवाएं बाहर से खरीदने को मजबूर करते हैं, और सरकारी दवाओं को निजी लाभ के लिए बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इसकी शिकायत की तो डॉ. विवेक कुमार नाराज हो गए और उन्हें धमकाने लगे। डॉ. विवेक ने कहा तू अपना मुंह बंद रख, वरना तुझे भी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।
पत्र में आगे लिखा है कि शिकायत करने के बाद आशा वर्कर श्रीमती नीरज प्रजापति ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। वहीं शिखा सक्सेना ने कहा तेरा रास्ते में एक्सीडेंट करवा दूंगी, तेरी लाश का पता भी नहीं लगेगा। यह सब कथित रूप से डॉ. विवेक कुमार के इशारे पर हुआ।
वंदना पांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. विवेक कुमार ने कहा तेरे ऊपर मानहानि के मुकदमे दर्ज करवाऊंगा, जिलाधिकारी और नेता सब मेरे साथ हैं। अपनी शिकायत वापस ले ले, वरना खुद ही फंस जाएगी।
आशा वर्कर ने अपने पत्र में निवेदन किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी अस्पतालों में व्याप्त भ्रष्टाचार और दबंगई पर रोक लग सके।
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