राजीव कृष्ण ने की कानून व्यवस्था की समीक्षा-त्योहारों पर सतर्कता, नए आपराधिक कानूनों के पालन पर जोर
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने शनिवार को प्रदेश की कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की और सभी पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर चाक-चौबंद रखा जाए। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में राज्य की पुलिसिंग व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है, जिसके सभी अधिकारी साक्षी भी हैं और इस बदलाव के "साझीदार" भी।
डीजीपी ने कहा कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सभी जनपदों के कार्य मूल्यांकन में सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता से जुड़ी शिकायतों का प्रभावी समाधान ही पुलिस की विश्वसनीयता का आधार है।
राजीव कृष्ण ने आगामी महाशिवरात्रि, होली, और रमज़ान को ध्यान में रखते हुए सभी पुलिस आयुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:
महाशिवरात्रि पर प्रमुख मंदिरों, घाटों और नदी तटों पर पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती की जाए तथा श्रद्धालुओं के लिए सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
होलिका दहन स्थलों पर पूर्व से समुचित सुरक्षा और यातायात व्यवस्था कर ली जाए ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
रमज़ान माह के दौरान मस्जिदों और नमाज़ स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखी जाए। नमाज़ के समय यातायात व्यवस्था इस प्रकार की जाए कि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
नए आपराधिक कानूनों पर गंभीरता से अमल का निर्देश
डीजीपी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि नए आपराधिक कानूनों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। विवेचना की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि किसी भी मुकदमे में न्यायिक प्रक्रिया में देरी न हो। उन्होंने कहा कि विवेचना में पारदर्शिता, तथ्यों की सटीकता और समयबद्धता पुलिस की साख को और मजबूत बनाएगी।
सोशल मीडिया और खुफिया तंत्र पर नजर
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जाए ताकि अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके। स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) और गोपनीय सूचना तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी छोटी से छोटी सूचना को नजरअंदाज न किया जाए और तत्काल प्रभाव से आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बजट का समयबद्ध उपयोग और शासन की प्राथमिकताएं
डीजीपी ने वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट के समुचित एवं समयबद्ध उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग शासन की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए पूरी निष्ठा और मनोयोग से कार्य करे। सभी वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने अधीनस्थ बलों को प्रेरित करें कि वे उच्च स्तर का प्रदर्शन करें और जनता के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखें।
राजीव कृष्ण ने कहा “कानून व्यवस्था की मजबूती ही शासन की सफलता का आधार है। पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि जनता के विश्वास को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
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