मलिहाबाद की पहचान पर खतरा-अवैध वृक्ष कटान के विरोध में उपजिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
संपूर्ण समाधान दिवस पर सामाजिक न्याय महासभा ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
लखनऊ। तहसील मलिहाबाद में शुक्रवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर क्षेत्र की विश्वप्रसिद्ध दशहरी आम पट्टी में हो रही लगातार अवैध वृक्ष कटान के विरोध में एक विस्तृत प्रार्थना-पत्र उपजिलाधिकारी महोदय को सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि मलिहाबाद की पहचान उसकी ऐतिहासिक दशहरी आम पट्टी से है, जो न केवल किसानों की आजीविका का मुख्य साधन है, बल्कि पर्यावरण संतुलन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी है। इसके बावजूद क्षेत्र में आम के वृक्षों की अवैध कटान की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता मोहम्मद फुरक़ान खान साहब तथा प्रदेश महामंत्री एवं अधिवक्ता शारिक शमीम साहब विशेष रूप से उपस्थित रहे।
दोनों ने प्रशासन से मांग की कि अवैध कटान में शामिल दोषियों के विरुद्ध त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि बिना वैध अनुमति या ट्रांजिट पास के वृक्षों की कटान करना दंडनीय अपराध है। इस पर तुरंत रोक लगाने और जिम्मेदार व्यक्तियों को चिन्हित कर दंडित करने की मांग की गई।
मुख्य मांगें इस प्रकार रखी गईं:
वन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त जांच टीम गठित की जाए।
दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर अवैध लकड़ी और वाहनों को जब्त किया जाए।
पिछले दो वर्षों में जारी कटान परमिट एवं ट्रांजिट पास की जांच कर अनियमितताओं का खुलासा किया जाए।
पर्यावरणीय क्षति का आकलन कर प्रतिकर वसूला जाए।
हरियाली बचाने की अपील
नेतृत्व ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिवस के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो मामले को उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाकर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
साथ ही क्षेत्र के नागरिकों से अपील की गई कि वे मलिहाबाद की हरियाली और पर्यावरणीय संतुलन को बचाने के लिए आगे आएं और अवैध कटान की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
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