ईरान पर मनमाने, एकतरफा और युद्धोन्मादी हमले तुरंत बंद करो
जनवादी लेखक संघ मेरठ
देखो देखो ईरान पर अमेरिका का
हमलावर आतंकवादी चेहरा देखो
देखो देखो नकली और मनमाने
शांतिदूत का युद्धोन्मादी चेहरा देखो!!
आज पूरी दुनिया अमेरिकी साम्राज्यवादी मानमाने हमलों से खौफजदा है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका 70 देशों में सैनिक हस्तक्षेप करके, करोड़ों बेगुनाह लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। आज पूंजीवादी साम्राज्यवादी व्यवस्था, मानव इतिहास की सबसे विनाशकारी व्यवस्था और सोच बन चुकी है। अमेरिका द्वारा पूरी दुनिया पर कब्जा करने की एकतरफा, मनमानी और कब्जा करने की मुहिम लगातार जारी है।
पूरी दुनिया अमेरिका द्वारा दुनिया के प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने के विध्वंसकारी और युद्धोन्माद को देख रही है। साम्राज्यवादी अमेरिका का यूएनओ और अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों में कोई विश्वास नहीं है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किया गया यह हमला, ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता पर खुल्लम-खुल्ला हमला और उल्लंघन है। अमेरिका और इजराइल का यह हमला अपने विरोधियों को खत्म करने की मुहीम की अगली कड़ी है। अमेरिका की यही मनमानी चालबाजी पूरी दुनिया वेनेजुएला और क्यूबा में किए जा रहे हस्तक्षेप में देख रही है।
आज अमेरिका विश्व शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। अब दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि भारत सरकार अपने पुराने मित्र ईरान पर इस मनमाने, एकतरफा और युद्धोन्मादी हमले की कठोर निंदा करें और तत्काल मांग करें कि इस विध्वंशकारी और विनाशकारी हमले को तुरंत बंद किया जाए।
यहीं पर हमारी मांग है कि यूएनओ स्वत: संज्ञान लेकर, इस मनमाने और एकतरफा हमले की निंदा करे और एक जरूरी मीटिंग बुलाकर, इस हमले को तुरंत बंद कराये और अमेरिका के खिलाफ जरूरी अनुशासनात्मक कार्रवाई करे। अब दुनिया में वैश्विक शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह सबसे ज्यादा जरूरी हो गया है। फोन पर हुई वार्ता में रामगोपाल भारतीय, जी आर मलिक, मंगल सिंह मंगल, धर्मपाल मित्रा, फखरे आलम और जितेंद्र पांचाल ने अपनी सहमति जताई।
भवदीय
रामगोपाल भारतीय मुनेश त्यागी
अध्यक्ष सचिव
जनवादी लेखक संघ मेरठ
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