इंडिया यूथ फ्रंट ने भारतीय युवा कांग्रेस को दिया समर्थन; देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पर जताई चिंता



*नई दिल्ली | 2 मार्च 2026* — इंडिया यूथ फ्रंट ने भारतीय युवा कांग्रेस तथा उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब सहित उन सभी युवा नेताओं को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है, जिन्होंने देश की वर्तमान परिस्थितियों के विरोध में अपनी आवाज उठाई। प्रेस कॉन्फ्रेंस को एनसीपी (एसपी) के फहद अहमद, मुस्लिम यूथ लीग के आसिफ जी, ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के हरीश जी, एएसएपी (आप) के अनुराग निगम और भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव सुरभि द्विवेदी ने संबोधित किया।

इस विषय पर बोलते हुए समाजवादी पार्टी के युवा नेता फहद जी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और युवा कांग्रेस का इतिहास देश के इतिहास जितना पुराना है। जब-जब देश में अन्याय या गलत कार्य हुआ है, इन संगठनों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना प्रतिरोध दर्ज कराया है। किंतु वर्तमान सरकार ने कथित रूप से जंतर मंतर सहित सभी निर्धारित प्रदर्शन स्थलों को बंद कर दिया है, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हुई हैं।

फहद ने सवाल उठाया कि यदि प्रदर्शन स्थलों को व्यवस्थित रूप से बंद कर दिया जाएगा, तो नागरिक अपनी असहमति व्यक्त करने के लिए कहां जाएंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रदर्शन लोकतंत्र की शक्ति है और विश्व के हर लोकतांत्रिक देश में यह एक मौलिक अधिकार है। शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को रोकना और मीडिया की पहुंच को सीमित करना देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति को दर्शाता है।

वक्तव्य में आगे कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “समझौता किए हुए” हैं, लेकिन भारत देश कभी समझौता नहीं कर सकता। व्यक्तियों से देश बड़ा होता है और देश की गरिमा सर्वोपरि है।

निगम जी ने यह भी उल्लेख किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भी विपक्षी दलों द्वारा प्रदर्शन किए गए थे, जो इस बात को दर्शाता है कि असहमति लोकतांत्रिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा रही है।

इस बीच, अदालत ने युवा कांग्रेस के नौ सदस्यों को जमानत देते हुए टिप्पणी की कि यह मामला राजनीतिक असहमति से संबंधित है। अदालत ने यह भी माना कि यह प्रदर्शन एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अभिव्यक्ति का माध्यम था तथा टी-शर्ट पर किसी नेता की तस्वीर थी, न कि कोई उकसाने वाला या गैरकानूनी नारा।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए महासचिव सुरभि त्रिवेदी ने कहा, “अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि यह राजनीतिक असहमति और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का मामला है। यदि किसी नेता की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनना अपराध माना जा रहा है, तो क्या प्रधानमंत्री द्वारा अतीत में दिए गए आपत्तिजनक बयानों के लिए वे अब माफी मांगेंगे?”

इंडिया यूथ फ्रंट की ओर से दोहराया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है और इस लोकतांत्रिक संघर्ष में भारतीय युवा कांग्रेस को अपना अटूट समर्थन जारी रखेगा।


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