बीच रास्ते उतारना पड़ा महंगा: रोडवेज पर जुर्माना, यात्री को मिलेगा मुआवजा


रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी 

बरेली। यात्रियों की सुविधा और अधिकारों को लेकर एक अहम फैसले में जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित बस स्टैंड से पहले यात्री को उतारना गंभीर लापरवाही है और इसके लिए निगम जिम्मेदार होगा।
मामले के अनुसार, बरेली निवासी अब्दुल सत्तार 2 जून 2024 को अपने एक रिश्तेदार की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए रोडवेज बस संख्या UP27T8480 से पीलीभीत जा रहे थे। उन्होंने नियमानुसार टिकट लेकर यात्रा शुरू की थी, लेकिन बस परिचालक ने उन्हें पीलीभीत बस स्टेशन तक ले जाने के बजाय लगभग 2 किलोमीटर पहले आसाम चौराहे पर उतार दिया।
दोपहर की भीषण गर्मी में करीब 45 मिनट तक वाहन का इंतजार करने के बावजूद उन्हें कोई साधन नहीं मिला, जिसके चलते वे समय पर अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। इस घटना से उन्हें मानसिक पीड़ा, शारीरिक कष्ट और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। पीड़ित ने इस संबंध में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग की थी।
वहीं, परिवहन निगम ने अपने बचाव में तर्क दिया कि उस दिन रूट डायवर्जन लागू होने के कारण बस को बस स्टैंड तक नहीं ले जाया गया। लेकिन सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों से स्पष्ट हुआ कि उस दिन कोई डायवर्जन लागू नहीं था। इससे निगम का पक्ष कमजोर पड़ गया।
आयोग ने यह भी माना कि संबंधित बस परिचालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए 200 रुपये की वेतन कटौती की गई थी, जो लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण है। आयोग ने ‘विकेरियस लाइबिलिटी’ (प्रतिनिधिक दायित्व) के सिद्धांत के आधार पर निगम को अपने कर्मचारी की गलती के लिए जिम्मेदार ठहराया।
अपने आदेश में आयोग ने परिवहन निगम को निर्देश दिया कि वह 45 दिनों के भीतर पीड़ित को 15,000 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपये वाद व्यय के रूप में अदा करे। यदि निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं किया जाता है, तो इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
हालांकि आयोग ने 81 रुपये के यात्रा किराए की वापसी की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यात्री ने यात्रा का अधिकांश हिस्सा पूरा कर लिया था।
यह फैसला यात्रियों के अधिकारों की रक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इससे परिवहन सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने का स्पष्ट संदेश गया है।

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