लखनऊ में आगामी त्योहारों को लेकर सिविल डिफेंस अलर्ट, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार बैठकें



रिपोर्ट-फिरदौस वारसी 

भाईचारा बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील, असामाजिक तत्वों पर प्रशासन की कड़ी नजर

लखनऊ। आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से लखनऊ में सिविल डिफेंस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
बैठकों के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी और पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाएगी। साथ ही सिविल डिफेंस के वार्डन भी क्षेत्र में सक्रिय रहकर हालात पर नजर बनाए रखेंगे।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे आपसी भाईचारा बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों से सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस या संबंधित विभाग को देने के लिए कहा गया है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है और माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के सहयोग से ही त्योहारों को शांति और सौहार्द के साथ मनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ भी संवाद स्थापित किया जा रहा है, ताकि आपसी समन्वय बना रहे।
अंत में प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे जिम्मेदार नागरिक का परिचय देते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और त्योहारों को प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाएं।

Comments

Popular posts from this blog

जमा-ए-अनवर पब्लिक स्कूल में प्ले ग्रुप से कक्षा 8वीं तक का परीक्षा फल वितरण हुआ रिपोर्ट कार्ड देखकर बच्चों के खिल उठे चेहरे*

बरेली शहर सीट पर सपा के ‘एजुकेशन आइकन’ मोहम्मद कलीमुद्दीन की दमदार दावेदारी, हजारों छात्रों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाकर बनाई मजबूत पहचान

पुलिस ने उसके बाप व भाई का भी धारा 170 बी एन एस एस में चालान कर एसडीएम नगीना की न्यायालय में पेश किया गया। जहां से दोनों को जमानत नहीं मिलने पर बेकसूर बाप बेटे को जाना पड़ गया जेल।