ज़कात से समाज में बराबरी और इंसाफ़ कायम होता है : डॉ. मोहम्मद ख़ालिक अंसारी
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
मायरा हॉस्पिटल एंड क्रिटिकल केयर सेंटर के डायरेक्टर ने लोगों से ईमानदारी से ज़कात अदा करने की अपील की
बरेली। मायरा हॉस्पिटल एंड क्रिटिकल केयर सेंटर के डायरेक्टर डॉ. मोहम्मद ख़ालिक अंसारी ने कहा कि इस्लाम का निज़ाम बेहद खूबसूरत और इंसाफ़ पर आधारित है। उन्होंने कहा कि अगर हर साहिबे-निसाब मुसलमान ईमानदारी के साथ अपनी ज़कात अदा कर दे तो दुनिया में कोई गरीब, भूखा और मजबूर नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि ज़कात केवल एक इबादत ही नहीं बल्कि समाज को सँवारने और जरूरतमंदों का सहारा बनने का एक बेहतरीन ज़रिया है। ज़कात के जरिए माल की पाकीज़गी, दिल की सफ़ाई और अल्लाह की रज़ा हासिल होती है। इस्लाम ने ज़कात के माध्यम से समाज में बराबरी और इंसाफ़ का पैगाम दिया है।
डॉ. अंसारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी मुसलमान अपने माल का सही तरीके से हिसाब करें और अल्लाह के हुक्म के मुताबिक़ ज़कात अदा करें, ताकि समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को सहारा मिल सके।
उन्होंने दुआ की कि अल्लाह तआला हम सबको सही तरीके से ज़कात अदा करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन।
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