ईद के दिन सुन्नतों पर अमल करें और गुनाहों से बचें: माजिद रज़ा क़ादरी


रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी 

सहारा सिटी हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर ने दी ईद की मुबारकबाद, बताए इस्लामी तरीके

बरेली। सहारा सिटी हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर माजिद रज़ा क़ादरी ने ईद-उल-फितर के मुबारक मौके पर सभी क्षेत्रवासियों और देशवासियों को दिली मुबारकबाद दी है। उन्होंने कहा कि ईद का त्योहार सिर्फ खुशियां मनाने का नाम नहीं, बल्कि अल्लाह का शुक्र अदा करने, इबादत करने और सुन्नत तरीके पर चलने का दिन है।
माजिद रज़ा क़ादरी ने अपने बयान में कहा कि मुसलमानों को ईद के दिन सुबह उठकर ग़ुस्ल करना, साफ-सुथरे या नए कपड़े पहनना और खुशबू लगाना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर कहा कि ईद की नमाज़ से पहले सदका-ए-फितर अदा करना बेहद जरूरी है, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोग भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें।
उन्होंने बताया कि ईद-उल-फितर के दिन नमाज़ के लिए जाने से पहले मीठा खाना सुन्नत है और ईदगाह या मस्जिद में जाकर जमात के साथ नमाज़ अदा करनी चाहिए। साथ ही रास्ते में तकबीर पढ़ना और नमाज़ के बाद खुतबा ध्यान से सुनना भी जरूरी है।
क़ादरी ने आगे कहा कि ईद के दिन एक-दूसरे को मुबारकबाद देना, गले मिलना और रिश्तेदारों से मिलना-जुलना इस्लाम की खूबसूरत परंपरा है। इसके साथ ही गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना भी इस दिन का अहम हिस्सा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि ईद के दिन फिजूलखर्ची, दिखावा और गुनाह के कामों से दूर रहें। नमाज़ में लापरवाही न करें और किसी भी तरह के झगड़े या नफरत से बचें। उन्होंने कहा कि इस्लाम हमें सादगी, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम देता है।
अंत में माजिद रज़ा क़ादरी ने कहा कि अगर हम ईद को सुन्नत के मुताबिक मनाएं और दूसरों को खुश करने की कोशिश करें, तो यही असल मायनों में सच्ची ईद होगी।

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