देश में नफरत फैलाने वालों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त कार्रवाई करे: डॉ. शेख
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
वंचितसमाज इंसाफ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा-धर्म के नाम पर हो रही घटनाओं पर सरकार और न्यायालय को सख्ती दिखानी चाहिए
अलीगढ़। वंचितसमाज इंसाफ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जनाब डॉ. शेख़ ने देश में बढ़ती सांप्रदायिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश में दिन-प्रतिदिन नफरत का माहौल बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि आए दिन हिंदू-मुस्लिम के नाम पर घटनाएं सामने आ रही हैं, जो समाज और देश की एकता के लिए बेहद खतरनाक हैं।
डॉ. शेख़ ने कहा कि हाल के चार-पांच दिनों के भीतर देश के अलग-अलग हिस्सों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने दिल्ली की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि तरुण नाम के एक युवक की हत्या केवल इस वजह से कर दी गई कि एक मुस्लिम महिला पर एक बच्ची ने रंग का गुब्बारा फेंक दिया था। इस घटना के बाद कुछ लोगों ने उस मुस्लिम व्यक्ति के घर में तोड़फोड़ भी की और मामले को हिंदू-मुस्लिम रंग देने की कोशिश की, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान के अलवर में आमिर नाम के व्यक्ति की हत्या कर दी गई, लेकिन इस मामले में भी अपेक्षित स्तर पर आवाज नहीं उठाई गई। इसी तरह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 12 वर्षीय उजैर को उसके दोस्तों ने घर बुलाकर कथित तौर पर पीट-पीटकर मार डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि किसी भी अपराधी को कानून से बचने का मौका न मिले।
डॉ. शेख़ ने बिहार के मधुबनी जिले की घटना का भी जिक्र किया, जहां रोजेदार रोशन खातून के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किया गया और उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि भागलपुर में भी एक बुजुर्ग की हत्या की घटना सामने आई है। इन घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर कुछ असामाजिक तत्व लगातार समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार राजनीतिक बयानबाजी भी समाज में तनाव बढ़ाने का कारण बनती है। कुछ नेताओं द्वारा धार्मिक समुदायों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए जाते हैं, जिससे माहौल और ज्यादा खराब होता है। ऐसे मामलों में भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
डॉ. शेख़ ने आरोप लगाया कि नफरत की राजनीति से कुछ लोगों को राजनीतिक लाभ मिलता है, इसलिए ऐसे मामलों में अक्सर कड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि देश के उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय को इस गंभीर समस्या पर ध्यान देना चाहिए और धर्म के नाम पर नफरत फैलाने तथा हिंसा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, कुछ पोर्टल और चैनल भी कभी-कभी भड़काऊ सामग्री प्रसारित करके समाज में तनाव पैदा करते हैं। ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर भी कड़ी निगरानी और आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए।
अंत में डॉ. शेख़ ने देश के सभी हिंदू और मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि आपसी भाईचारा और सद्भाव बनाए रखना ही देश की तरक्की का रास्ता है। उन्होंने कहा कि अगर समाज में एकता और शांति बनी रहेगी, तभी भारत विकास के रास्ते पर आगे बढ़ सकेगा।
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