बरेली कैंट से 2027 की तैयारी: इंजीनियर अनीस अहमद ख़ान की मजबूत दावेदारी

रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी 

बरेली की 125 कैंट विधानसभा सीट से संभावित प्रत्याशी के रूप में समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर अनीस अहमद ख़ान इन दिनों अपनी चुनावी तैयारियों को लेकर पूरी तरह सक्रिय हैं। बीएससी, डिप्लोमा सिविल इंजीनियर और जल निगम में प्रोजेक्ट मैनेजर रहे अनीस अहमद ख़ान ने वर्ष 2011 में वीआरएस लेने के बाद राजनीति की राह पकड़ी।

पहले ही चुनाव में दमदार शुरुआत

वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बरेली कैंट सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और अपने पहले ही प्रयास में 25 हजार से अधिक वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। यह प्रदर्शन राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना और उन्हें एक उभरते हुए मजबूत नेता के रूप में देखा जाने लगा।
साफ-सुथरी छवि और मजबूत पकड़

अपने पहले चुनाव के बाद से ही अनीस अहमद ख़ान की पहचान एक साफ-सुथरी छवि वाले और रणनीतिक रूप से सक्षम नेता के रूप में बनी। 2017 में बसपा के संपर्क में आने के बाद उन्होंने चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें कैंट की जगह शहर सीट से मैदान में उतरना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि उन्हें कैंट से टिकट मिलता तो परिणाम चौंकाने वाले हो सकते थे।

हर परिस्थिति में सक्रिय भूमिका

बसपा और बाद में कांग्रेस में रहने के बावजूद अनीस अहमद ख़ान ने कैंट क्षेत्र से अपना जुड़ाव कभी कम नहीं होने दिया। लगातार वर्षों तक क्षेत्र में सक्रिय रहकर उन्होंने मतदाताओं के साथ सीधा संवाद कायम रखा।

समाजवादी पार्टी में नई पहचान


वर्ष 2020 में समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने पार्टी के एक वफादार सिपाही की तरह कार्य किया। 2022 में टिकट न मिलने के बावजूद उन्होंने पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में पूरी ताकत झोंक दी।

लोकसभा और उपचुनावों में अहम भूमिका

2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें रामपुर सीट का प्रभारी बनाया गया, जहां उनकी मेहनत और रणनीति ने जीत में अहम योगदान दिया। इसके अलावा बदायूं, कुंदरकी उपचुनाव, कन्नौज, आजमगढ़, जौनपुर और गाज़ीपुर जैसे क्षेत्रों में भी उन्होंने पार्टी के लिए प्रभावी भूमिका निभाई।

सामाजिक कार्यों से बढ़ी लोकप्रियता

लॉकडाउन के दौरान भी कैंट विधानसभा क्षेत्र में लगातार जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाना, आर्थिक सहायता देना और गरीब परिवारों से सीधा जुड़ाव बनाए रखना उनकी सक्रियता को दर्शाता है। इसके अलावा सामूहिक विवाह, वस्त्र वितरण, त्योहारों के मौके पर लोगों के बीच खुशियां बांटना और सर्दियों में कंबल वितरण जैसे सामाजिक कार्यों ने इंजीनियर अनीस अहमद ख़ान की लोकप्रियता को कैंट विधानसभा क्षेत्र में शिखर पर पहुंचा दिया है।

युवा मतदाताओं पर खास फोकस

पार्टी द्वारा एसआईआर प्रभारी बनाए जाने के बाद उन्होंने 125 कैंट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ने का काम किया। पिछले 14 वर्षों से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने का ही परिणाम है कि उनका जनसंपर्क मजबूत और प्रभावशाली बना हुआ है।

2027 के लिए मजबूत दावेदारी

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर इंजीनियर अनीस अहमद ख़ान की दावेदारी बेहद मजबूत है। क्षेत्र में उनकी पकड़, संगठनात्मक क्षमता और जमीनी सक्रियता उन्हें एक प्रमुख दावेदार बनाती है।
आखिरकार 125 कैंट विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी का निर्णय समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को ही लेना है। अब कैंट वासियों की नज़र उनके निर्णय पर टिकी हुई है।

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