कानून व्यवस्था को लेकर सख्त हुए डीजीपी राजीव कृष्ण, जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण और प्रभावी पुलिसिंग पर जोर
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
जनशिकायतों में अभूतपूर्व कमी, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ‘ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्ट’ अभियान कारगर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने प्रदेश की कानून व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सतत पर्यवेक्षण और नियमित समीक्षा के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके चलते पूरे प्रदेश में जनशिकायतों के मामलों में उल्लेखनीय और अभूतपूर्व कमी दर्ज की गई है।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अपराध होने के बाद की कार्रवाई से अधिक जरूरी है अपराध होने से पहले की प्रभावी पुलिसिंग। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही यदि पुलिस सक्रियता से काम करे तो कई विवादों और अपराधों को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करना होगा।
समीक्षा बैठक में डीजीपी ने यह भी निर्देश दिए कि जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण को थानों और चौकियों पर पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग के प्रमुख मानकों में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों का जनसंपर्क बेहतर होगा और जो शिकायतों का प्रभावी समाधान करेंगे, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
डीजीपी ने प्रदेश में चल रहे ‘ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्ट’ अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। पुलिस और यातायात विभाग के समन्वय से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही डीजीपी ने पुलिसिंग को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर जोर देते हुए ‘यक्ष ऐप’ के प्रभावी उपयोग की बात कही। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपराध पर अंकुश लगाने और अपराध-मुक्त समाज की दिशा में एक मजबूत ब्लूप्रिंट तैयार किया जा सकता है।
डीजीपी ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सक्रिय पुलिसिंग, जनसंपर्क और तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश में शांति और सुरक्षा का माहौल और मजबूत हो सके।
Comments
Post a Comment