रमज़ान के बाद खान-पान में बरतें सावधानी: डिप्टी CMO डॉ. लईक अहमद अंसारी की सलाह
बरेली से मुस्तकीम मंसूरी की विशेष रिपोर्ट
बरेली। रमज़ान के 30 रोज़ों के बाद खान-पान में अचानक बदलाव से सेहत पर असर पड़ सकता है। इस संबंध में बरेली के डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद अंसारी ने रोज़ेदारों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि एक महीने तक रोज़ा रखने से शरीर की पाचन क्रिया में स्वाभाविक परिवर्तन हो जाता है। ऐसे में ईद के बाद अचानक भारी, तला-भुना और ज्यादा मीठा भोजन करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
उन्होंने बताया कि
“रमज़ान के दौरान शरीर कम और संतुलित भोजन का आदी हो जाता है। रोज़ों के बाद तुरंत भारी डाइट लेने से गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए खान-पान में धीरे-धीरे बदलाव लाना जरूरी है।”
डॉ. अंसारी की डाइट सलाह
डॉ. अंसारी ने रोज़ेदारों को निम्न सुझाव दिए-
शुरुआत हल्के और सुपाच्य भोजन से करें, जैसे खिचड़ी, दलिया और दही
ताजे फल और हरी सब्जियां ज्यादा शामिल करें
तला-भुना और मिठाइयों का सेवन सीमित मात्रा में करें
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
एक साथ ज्यादा खाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके कई बार खाएं
वैज्ञानिक कारण भी समझाया
डॉ. अंसारी ने बताया कि रोज़ों के दौरान मेटाबॉलिज्म और पाचन तंत्र नई लय में आ जाता है। ऐसे में अचानक भारी भोजन करने से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे थकान और पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
इस्लामिक संदेश भी दिया
उन्होंने कहा कि इस्लाम में भी हमेशा संतुलित और सादा भोजन करने की शिक्षा दी गई है। रमज़ान के बाद भी अगर लोग एहतियात और सादगी अपनाएं, तो सेहत बेहतर बनी रह सकती है।
डॉ. लईक अहमद अंसारी ने अपील की कि ईद की खुशियों के साथ-साथ अपनी सेहत का भी खास ध्यान रखें और खान-पान में संयम बरतें।
“धीरे-धीरे सामान्य डाइट अपनाएं, तभी पाचन क्रिया संतुलित रह पाएगी और आप स्वस्थ रहेंगे।”
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