लखनऊ: उपभोक्ता सहमति के बिना स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर बवाल, कंपनियों पर कार्रवाई की मांग तेज



रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बयान के बाद विवाद गहराया, 6 अप्रैल को केस्को कानपुर में उठेगा मामला

 मामला क्या है?

लखनऊ में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं की सहमति के बिना ही जबरन स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा रही हैं, जिससे आम लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।

 मंत्री के बयान से बढ़ा विवाद

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हाल ही में स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ता की सहमति आवश्यक है। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में चल रही प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

 उपभोक्ता परिषद ने उठाए गंभीर सवाल

यूपी विद्युत उपभोक्ता परिषद ने बिजली कंपनियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा है कि
उपभोक्ताओं को विकल्प दिए बिना मीटर बदले जा रहे हैं
पुराने पोस्टपेड सिस्टम को खत्म कर जबरन प्रीपेड लागू किया जा रहा है
यह प्रक्रिया कानून के खिलाफ है

 कानून का उल्लंघन?

परिषद का कहना है कि यह कार्रवाई विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का उल्लंघन है, जिसमें उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा का प्रावधान है।
साथ ही परिषद ने धारा 142 के तहत बिजली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिसमें नियमों के उल्लंघन पर दंड का प्रावधान है।

 केस्को कानपुर में उठेगा मुद्दा

6 अप्रैल को केस्को, कानपुर में इस मुद्दे को औपचारिक रूप से उठाया जाएगा।
बताया जा रहा है कि विद्युत नियामक आयोग को विस्तृत प्रस्ताव सौंपा जाएगा।

 आंकड़े भी चौंकाने वाले

राज्य में अब तक 70 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं।
इनमें से बड़ी संख्या ऐसे उपभोक्ताओं की बताई जा रही है, जिन्हें पहले से कोई स्पष्ट विकल्प नहीं दिया गया।

उपभोक्ता परिषद ने सरकार और पावर कॉरपोरेशन से ये मांगें रखी हैं:
जबरन लगाए गए मीटरों की प्रक्रिया पर रोक
उपभोक्ताओं से पूर्व सहमति सुनिश्चित की जाए
पावर कॉरपोरेशन माफी मांगे और फैसला वापस ले
नए कनेक्शन में केवल प्रीपेड सिस्टम लागू करने का निर्णय बदला जाए
 
अब निगाहें विद्युत नियामक आयोग पर टिकी हैं। अगर परिषद की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया, तो बिजली कंपनियोंके के खिलाफ बड़ी कार्रवाई संभव है और उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।

Comments

Popular posts from this blog

जमा-ए-अनवर पब्लिक स्कूल में प्ले ग्रुप से कक्षा 8वीं तक का परीक्षा फल वितरण हुआ रिपोर्ट कार्ड देखकर बच्चों के खिल उठे चेहरे*

बरेली शहर सीट पर सपा के ‘एजुकेशन आइकन’ मोहम्मद कलीमुद्दीन की दमदार दावेदारी, हजारों छात्रों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाकर बनाई मजबूत पहचान

पुलिस ने उसके बाप व भाई का भी धारा 170 बी एन एस एस में चालान कर एसडीएम नगीना की न्यायालय में पेश किया गया। जहां से दोनों को जमानत नहीं मिलने पर बेकसूर बाप बेटे को जाना पड़ गया जेल।