ताजुश्शरिया के सालाना उर्स पर भाईचारे का संदेश, सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने भेजी मुबारकबाद, दरगाह पर चादरपोशी कर मांगी अमन-शांति की दुआ
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने दरगाह पहुंचकर पेश की अकीदत, देश में सद्भाव और एकता की कामना
बरेली में आज दिनांक 24 अप्रैल 2026 को आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खां फ़ाज़िल-ए-बरेलवी के खानदान के अज़ीम रहनुमा, ताजुश्शरिया हजरत मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रज़ा खां साहब के सालाना उर्स के मौके पर अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। इस ख़ास मौके पर भीम आर्मी के संस्थापक एवं आज़ाद समाज पार्टी काशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नगीना लोकसभा से सांसद भाई एडवोकेट चंद्रशेखर आज़ाद ने अपने संदेश के माध्यम से मुबारकबाद पेश कर देश में आपसी भाईचारे, सद्भाव और आध्यात्मिक एकता का पैगाम दिया।
सांसद चंद्रशेखर आज़ाद द्वारा शहजाद-ए-हुजूर ताजुश्शरिया, मुफ्ती मोहम्मद असजद रज़ा खां क़ादरी साहब के नाम एक लेटर भेजा गया, जिसमें उन्होंने उर्स की दिली मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन, तरक्की और सामाजिक सौहार्द की कामना की। साथ ही हज़रत सलमान मियां साहब को भी मुबारकबाद दी गई।
इस अवसर पर भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने दरगाह पहुंचकर लेटर को वहां के जिम्मेदार लोगों को सौंपा। इसके साथ ही चंद्रशेखर आज़ाद की जानिब से पार्टी पदाधिकारियों द्वारा दरगाह पर चादरपोशी और गुलपोशी की गई। सभी ने मिलकर प्रदेश और देश में शांति, अमन, भाईचारा और खुशहाली के लिए दुआएं कीं।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं प्रदेश उपाध्यक्ष व बरेली मंडल प्रभारी अच्छन अंसारी एडवोकेट, प्रदेश संगठन सचिव संजीव सागर, मंडल प्रभारी एडवोकेट ऋषिपाल सिंह, जिला अध्यक्ष मनोज सागर, भीम आर्मी मंडल अध्यक्ष सुशील गौतम, भाईचारा कमेटी मुस्लिम समाज मंडल संयोजक नियाज़ अहमद अंसारी, जिला प्रभारी फरीद ख़ान, मंडल महासचिव आकाश सागर, पूर्व जिला उपाध्यक्ष पिंटू सागर, जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र सिंह गौतम, वालंटियर फोर्स जिला संयोजक विशन सागर, महानगर अध्यक्ष मोहम्मद रियाज, शहर विधानसभा अध्यक्ष दानिश ख़ान सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।
दरगाह की ओर से मौलाना इंतजार अहमद क़ादरी साहब सहित अन्य जिम्मेदार लोगों ने सभी मेहमानों का स्वागत किया। इस दौरान धार्मिक सौहार्द और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां हर वर्ग के लोगों ने मिलकर देश की खुशहाली और शांति के लिए दुआ की।
ताजुश्शरिया के उर्स के इस मुबारक मौके पर सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे की मजबूत तस्वीर भी सामने आई, जो आज के समय में एक मिसाल बनकर उभरी।
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