यमुना विहार में हनुमान जयंती पर निकली भव्य शोभा यात्रा, मस्जिद से फूल बरसाकर दिया भाईचारे का संदेश
तिहाड़ जेल के जेलर दीपक शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों लोग शामिल, मुस्लिम समुदाय ने किया स्वागत-2020 दंगों के बाद सौहार्द की मिसाल
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
नई दिल्ली:
राजधानी दिल्ली में हनुमान जयंती का पर्व इस वर्ष भी पूरे देश की तरह श्रद्धा, उल्लास और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के यमुना विहार क्षेत्र में इस अवसर पर एक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें तिहाड़ जेल के जेलर दीपक शर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हुए।
इस शोभा यात्रा की खास बात यह रही कि जब यात्रा मस्जिद के सामने से गुजरी, तो मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फूल बरसाकर और माला पहनाकर यात्रियों का स्वागत किया। इस दौरान गुलाब के फूल वितरित किए गए, जिससे पूरे इलाके में भाईचारे और एकता का संदेश फैलता नजर आया।
भाईचारे की मिसाल बनी शोभा यात्रा
मुस्लिम समुदाय द्वारा किए गए इस स्वागत से शोभा यात्रा में शामिल लोगों के चेहरों पर खुशी साफ देखी गई। यह नजारा सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल बन गया, जिसने क्षेत्र में सकारात्मक माहौल पैदा किया।
तिहाड़ जेल के जेलर दीपक शर्मा ने बताया कि वे हर वर्ष हनुमान जयंती के अवसर पर यमुना विहार में शोभा यात्रा का आयोजन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मस्जिद के सामने से गुजरती है, इसलिए पहले से ही मुस्लिम समुदाय के लोगों से संवाद स्थापित किया जाता है, जिससे शांति और सौहार्द बना रहे।
उन्होंने 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय क्षेत्र ने काफी नुकसान झेला था, लेकिन अब दोनों समुदाय मिलकर भाईचारे का संदेश दे रहे हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हनुमान जयंती के
मद्देनज़र पूरी दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। दिल्ली पुलिस ने सभी 15 जिलों में पैरामिलिट्री फोर्स के साथ फ्लैग मार्च और फुट पेट्रोलिंग की, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें
यमुना विहार की यह शोभा यात्रा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे की एक मजबूत मिसाल बनकर सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि आपसी संवाद और सहयोग से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।
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