कानपुर में आज़ाद समाज पार्टी की बड़ी समीक्षा बैठक, मंसूरी समाज के दिग्गज नेता अब्दुल रज़्ज़ाक़ मंसूरी हुए शामिल
पसमांदा समाज की भागीदारी को लेकर उठी मजबूत आवाज़, चंद्रशेखर आज़ाद के नेतृत्व पर जताया भरोसा
रिपोर्ट-फिरदौस वारसी
कानपुर नगर के बर्रा स्थित निरंजन बैंक्वेट, विश्व बैंक कॉलोनी में आज आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के तत्वाधान में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक कानपुर नगर (महानगर) संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी माननीय गौरी प्रसाद उपासक जी मौजूद रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में एडवोकेट प्रदीप निगम, प्रदेश सचिव तुलसीराम वाल्मीकि, मंडल संयोजक मुस्लिम भाईचारा मोहम्मद कय्यूम ख़ान और महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ शर्मा ने भी शिरकत की।
बैठक की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ शर्मा के नेतृत्व में की गई, जहां संगठन की वर्तमान स्थिति, विस्तार और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
इस बैठक की सबसे ख़ास बात रही मंसूरी समाज के कद्दावर नेता और समाजसेवी मंसूरी यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष अब्दुल रज़्ज़ाक़ मंसूरी का आज़ाद समाज पार्टी में शामिल होना। उनके पार्टी में आने से संगठन को ख़ास तौर पर पसमांदा समाज में मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब्दुल रज़्ज़ाक़ मंसूरी ने अपने संबोधन में कहा कि नगीना से लोकप्रिय सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के नेतृत्व में आज़ाद समाज पार्टी का जनाधार लगातार तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी केवल नारे नहीं देती, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को वास्तविक भागीदारी दिलाने की दिशा में काम कर रही है।
अब्दुल रज़्ज़ाक़ मंसूरी ने अन्य राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि मंसूरी समाज के लोग वर्षों से विभिन्न पार्टियों से जुड़े रहे, लेकिन उन्हें संगठन से लेकर सत्ता तक कभी भी उचित भागीदारी नहीं मिली।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस जैसी पार्टियां चुनाव के समय मंसूरी समाज का वोट तो चाहती हैं, लेकिन जब टिकट देने की बारी आती है तो उनका नज़रिया बदल जाता है।
मंसूरी ने कहा कि आज़ाद समाज पार्टी एकमात्र ऐसी पार्टी है जो “सबको साथ लेकर चलने” की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि चंद्रशेखर आज़ाद पसमांदा समाज के लोगों को संगठन से लेकर सत्ता तक भागीदारी दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
अपने संबोधन के आखिर में अब्दुल रज़्ज़ाक़ मंसूरी ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि मंसूरी समाज सहित पूरे पसमांदा समाज को आज़ाद समाज पार्टी से जोड़ा जाए और चंद्रशेखर आज़ाद के हाथों को मजबूत किया जाए।
कानपुर की यह बैठक न सिर्फ संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित रही, बल्कि इसने पसमांदा समाज की राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे को भी मजबूती से उठाया। अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले समय में यह रणनीति ज़मीन पर कितना असर दिखाती है।
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