लखनऊ: पंचायत चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा दांव, कैबिनेट में 12 अहम प्रस्तावों पर मुहर
रिपोर्ट-फिरदौस वारसी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई अहम कैबिनेट बैठक में कई बड़े और दूरगामी फैसलों को मंजूरी दी गई। पंचायत चुनाव से पहले सरकार ने सामाजिक समीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर फोकस करते हुए 12 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई है।
सरकार के इन फैसलों को आगामी पंचायत चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। खासतौर पर OBC आरक्षण को लेकर लिया गया फैसला प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।
योगी सरकार ने पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्गों की हिस्सेदारी तय करने के लिए “समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” के गठन को मंजूरी दे दी है। यह आयोग पंचायत स्तर पर पिछड़े वर्गों की वास्तविक आबादी, सामाजिक स्थिति और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का अध्ययन करेगा।
सरकार का दावा है कि आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण का नया आधार तैयार किया जाएगा, जिससे आरक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बन सके।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला ग्रामीण राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है, क्योंकि पंचायत चुनावों में पिछड़ा वर्ग निर्णायक भूमिका निभाता है।
कैबिनेट बैठक में लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर परियोजना को भी मंजूरी दे दी गई।
चारबाग से बसंतकुंज तक प्रस्तावित नए मेट्रो कॉरिडोर के लिए MoU को पास कर दिया गया है। इस विस्तार के बाद राजधानी के दक्षिणी हिस्सों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
सरकार का कहना है कि मेट्रो विस्तार से ट्रैफिक दबाव कम होगा और शहर में आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
योगी सरकार ने पशु चिकित्सा (वेटरनरी) छात्रों को बड़ी राहत देते हुए इंटर्नशिप भत्ता ₹4 हजार से बढ़ाकर ₹12 हजार प्रतिमाह कर दिया है।
सरकार के इस फैसले से प्रदेशभर के वेटरनरी छात्रों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से छात्र इंटर्नशिप मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
कैबिनेट बैठक में डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस में 1010 बेड का सुपर स्पेशियलिटी इमरजेंसी सेंटर बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल के विस्तार का रास्ता भी साफ हो गया है।
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी और गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा।
मिर्जापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना का रास्ता भी कैबिनेट फैसले के बाद साफ हो गया है।
इसके साथ ही मिर्जापुर में पूलिंग उपकेंद्र और ट्रांसमिशन लाइन निर्माण प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
आगरा मेट्रो कॉरिडोर-2 के लिए भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
सरकार ने स्टेशन और वायाडक्ट निर्माण कार्य को भी हरी झंडी दे दी है, जिससे आगरा मेट्रो परियोजना को रफ्तार मिलेगी।
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमावली 2026 लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा प्रतिभूति संबंधी 2007 की अधिसूचना में संशोधन और यूपी लोक सेवा आयोग संशोधन विनियम 2026 लागू करने जैसे अहम प्रशासनिक फैसलों पर भी मुहर लगी।
योगी सरकार के फैसलों को देखकर साफ माना जा रहा है कि सरकार एक तरफ पंचायत चुनावों से पहले सामाजिक समीकरण साधने में जुटी है, तो दूसरी तरफ विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को तेजी देकर जनता के बीच मजबूत संदेश देना चाहती है।
राजनीतिक गलियारों में अब इन फैसलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे चुनावी रणनीति बता रहा है, वहीं सरकार इसे विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।
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