बूंदी भूड़ कांड: शराब दुकान के विरोध पर महिलाओं पर लाठीचार्ज, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने की सख्त कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
पीलीभीत में पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप, घायल महिलाओं ने सुनाई आपबीती; दोषी अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने की उठी मांग
पीलीभीत, तहसील कलीनगर क्षेत्र के ग्राम बूंदी भूड़ में शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में ग्रामीणों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना में कई महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका उपचार उत्तराखंड के उधमसिंह नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खटीमा में कराया गया। घायलों के शरीर पर गंभीर चोटें बताई जा रही हैं।
घटना के विरोध में आज कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष हरप्रीत पाल सिंह चब्बा और शहर अध्यक्ष श्रीकृष्ण गंगवार के नेतृत्व में पुलिस उपाधीक्षक नताशा गोयल एवं सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन सिंह से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित महिलाओं के साथ अधिकारियों को पूरी घटना से अवगत कराया और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पीड़िता शीतल ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया कि बूंदी भूड़ चौराहे पर लालदेव यादव ने अपने खेत में दो दुकानें बनाकर उन्हें कंपोजिट शराब लाइसेंस धारकों को किराये पर दे दिया। इन दुकानों के सामने से छात्राएं विद्यालय जाती हैं और पास ही मंदिर भी स्थित है, जो कि उत्तर प्रदेश की शराब नीति के विरुद्ध है।
ग्रामीणों ने पहले ही इस संबंध में जिलाधिकारी पीलीभीत से शिकायत की थी, जिस पर दुकान हटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दुकान में शराब का स्टॉक लाकर बिक्री शुरू कर दी गई।
शिकायत के अनुसार, आबकारी निरीक्षक दीपक कुमार, उपजिलाधिकारी कलीनगर प्रवेश कुमार, तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार अक्षय कुमार समेत अन्य अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दुकान खुलवाकर शराब बिक्री शुरू कराई। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों द्वारा दुकान के अंदर ही शराब पीने का भी आरोप लगाया गया है।
जब गांव की महिलाएं—शीतल, रीमा देवी, किरण, सुधा देवी, सुदामी देवी, फूलमती, गुड्डी देवी, ममता आदि—विरोध दर्ज कराने पहुंचीं, तो कथित रूप से पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें सड़क पर गिराकर पीटा गया, उनके कपड़े फाड़े गए और अभद्र व्यवहार किया गया।
घटना के बाद जब पीड़ित महिलाएं थाना माधोटांडा पहुंचीं, तो पुलिस ने उनका प्रार्थनापत्र लेने से इनकार कर दिया और उल्टा डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया गया। इसके बाद महिलाओं ने खटीमा (उत्तराखंड) जाकर अपना मेडिकल परीक्षण कराया, जहां उन्हें टांके और पट्टियां लगाई गईं।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरप्रीत पाल सिंह चब्बा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह प्रशासनिक दमन का गंभीर मामला है और इसमें शामिल दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ हुई अभद्रता और लाठीचार्ज लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
प्रतिनिधिमंडल में शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकृष्ण गंगवार, जिला महासचिव नरेश शुक्ला, बरखेड़ा ब्लॉक अध्यक्ष हरीश कुमार सिंह मौर्य, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्राम बूंदी भूड़ के पीड़ित पक्ष के लोग मौजूद रहे।
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