निदेशक सूचना विशाल सिंह का बड़ा फैसला: साप्ताहिक समाचार पत्रों को अब सीधे मिलेगा सरकारी विज्ञापन
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
ऐड एजेंसियों की मध्यस्थता समाप्त, छोटे और मध्यम समाचार पत्रों को मिली बड़ी राहत; बकाया भुगतान को लेकर प्रकाशकों की बढ़ी उम्मीदें
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लघु एवं मध्यम वर्ग के समाचार पत्रों के हित में सूचना विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। निदेशक सूचना विशाल सिंह ने साप्ताहिक समाचार पत्रों को सरकारी विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए ऐड एजेंसियों की मध्यस्थता समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब सूचना विभाग द्वारा साप्ताहिक समाचार पत्रों को सीधे विज्ञापन निर्गत किए जाएंगे।À
aअब तक साप्ताहिक समाचार पत्रों को अधिकांश सरकारी विज्ञापन ऐड एजेंसियों के माध्यम से प्राप्त होते थे। इस व्यवस्था में एजेंसियां कमीशन के रूप में लगभग 15 प्रतिशत राशि अपने पास रखती थीं, जिससे पहले से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे छोटे और मध्यम समाचार पत्रों को अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ता था। निदेशक सूचना विशाल सिंह के इस निर्णय को समाचार पत्र जगत में पारदर्शिता और निष्पक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सूचना विभाग की इस नई व्यवस्था से प्रदेश भर के लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों के प्रकाशकों और संपादकों में खुशी का माहौल है। उनका मानना है कि अब उन्हें विज्ञापन प्राप्त करने में अनावश्यक बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा विज्ञापन से मिलने वाली पूरी राशि का लाभ सीधे समाचार पत्र संस्थानों को मिलेगा।
समाचार पत्र संचालकों ने निदेशक सूचना का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय छोटे समाचार पत्रों के अस्तित्व और आर्थिक मजबूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने इसे पत्रकारिता के क्षेत्र में समान अवसर और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया।
हालांकि इस फैसले के बाद प्रकाशकों के बीच एक नई चर्चा भी शुरू हो गई है। कई समाचार पत्र संचालकों का कहना है कि पूर्व में ऐड एजेंसियों के माध्यम से प्रकाशित कराए गए विज्ञापनों का भुगतान अभी तक लंबित है। ऐसे में प्रकाशकों की अपेक्षा है कि सूचना विभाग इस मामले पर भी गंभीरता से विचार करे और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करे जिससे विज्ञापन की राशि समयबद्ध तरीके से संबंधित समाचार पत्रों तक पहुंच सके।
प्रकाशकों का मानना है कि यदि विभाग बकाया भुगतान के मुद्दे पर भी ठोस और प्रभावी निर्णय लेता है तो यह लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों के लिए दोहरी राहत साबित होगी। साथ ही इससे विज्ञापन वितरण प्रणाली में और अधिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही स्थापित होगी।
पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि निदेशक सूचना विशाल सिंह द्वारा लिया गया यह निर्णय न केवल छोटे समाचार पत्रों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि सरकारी विज्ञापन वितरण व्यवस्था में सुधार और विश्वास को भी बढ़ावा देगा।
Comments
Post a Comment