राष्ट्रीय सेमिनार में सहभागिता कर लौटीं डॉ. आस्था ,भुवनेश्वर और पुरी में स्वच्छता प्रबंधन, कूड़ा निस्तारण एवं पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का किया अवलोकन

शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत* 
पीलीभीत। नगर पालिका परिषद पीलीभीत की अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय शहरी सेमिनार में सहभागिता करने के बाद वापस लौट आई हैं। 19 एवं 20 जून को आयोजित इस सेमिनार का विषय “सामुदायिक सहभागिता से शहरी सेवाओं को मजबूत बनाकर समावेशी शहरों का निर्माण” था।
सेमिनार में देश के विभिन्न राज्यों के जनप्रतिनिधियों एवं शहरी विकास से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। उत्तर प्रदेश से डॉ. आस्था अग्रवाल के साथ लखनऊ के विधायक नीरज बोरा भी शामिल हुए।
सेमिनार के प्रथम दिवस प्रतिभागियों ने भुवनेश्वर के एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर तथा फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का भ्रमण किया। यहां घर-घर कूड़ा संग्रहण, स्रोत पर कूड़ा पृथक्करण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से किस प्रकार स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सकता है।
द्वितीय दिवस में प्रतिभागियों को पुरी में संचालित 24×7 पेयजल आपूर्ति परियोजना का अवलोकन कराया गया। वॉटको (WATCO) द्वारा संचालित इस मॉडल में जल शोधन, फिल्ट्रेशन तथा निरंतर स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण कर यह जाना कि किस प्रकार पानी को शुद्ध एवं पेय योग्य बनाया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि पुरी में नागरिकों को चौबीसों घंटे सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है और लोग सीधे नल से पानी पी सकते हैं।
सेमिनार के दौरान समावेशी शहरों के विकास, शहरी गरीबों के लिए बेहतर सेवाओं की उपलब्धता, आजीविका, आवास, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा तथा सामुदायिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। विभिन्न शहरों के सफल अनुभव और नवाचार भी साझा किए गए।
उड़ीसा से वापसी पर डॉ. आस्था अग्रवाल ने कहा कि सेमिनार में प्राप्त अनुभव एवं जानकारी पीलीभीत की स्वच्छता, जलापूर्ति एवं अन्य शहरी सेवाओं को और बेहतर बनाने में उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के सफल मॉडलों का अध्ययन कर उन्हें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप लागू करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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