जनता की आवाज बनकर बिजली विभाग पहुंचे सपा नेता मयंक शुक्ला
रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी
प्रीपेड मीटर की ‘लूट’ और मनमाने बिलों के खिलाफ सैकड़ों उपभोक्ताओं ने खोला मोर्चा
बरेली। रामपुर गार्डन स्थित विद्युत विभाग कार्यालय सोमवार को उस समय जनआक्रोश का केंद्र बन गया, जब स्मार्ट मीटर की खराबी, बार-बार आने वाले बिल और बढ़ी हुई बिजली देयों से परेशान सैकड़ों उपभोक्ता समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता मयंक शुक्ला के नेतृत्व में विभागीय कार्यालय पहुंचे। लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की और प्रीपेड मीटर व्यवस्था को आम जनता पर आर्थिक बोझ बताया।
प्रदर्शन के दौरान मयंक शुक्ला ने विभाग के संबंधित अधिकारी अंकित गंगवार से मुलाकात कर उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से उठाया। उन्होंने मांग की कि जिन उपभोक्ताओं के मीटर गलत रीडिंग दे रहे हैं, जिनके बिल असामान्य रूप से बढ़े हुए हैं और जिन्हें महीने में दो-दो या तीन-तीन बार बिल भेजे जा रहे हैं, उनकी शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए।
कार्यालय पहुंचे लोगों ने बताया कि स्मार्ट और प्रीपेड मीटर लगने के बाद उनकी परेशानियां लगातार बढ़ गई हैं। उपभोक्ताओं का आरोप था कि पहले जहां सामान्य बिल आता था, वहीं अब कई गुना अधिक बिल भेजे जा रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि एक ही महीने में दो से तीन बार बिल भेजा जा रहा है, जिससे आम परिवारों का बजट बिगड़ गया है।
लोगों ने एक स्वर में पुराने मीटर दोबारा लगाए जाने की मांग करते हुए कहा कि प्रीपेड मीटर व्यवस्था पूरी तरह जनविरोधी है।
जब उपभोक्ताओं और सपा नेताओं ने पुराने मीटर दोबारा लगाए जाने की मांग उठाई, तो विभागीय अधिकारियों ने कहा कि पुराने मीटरों का उत्पादन बंद हो चुका है, इसलिए उन्हें दोबारा लगाना संभव नहीं है।
इस जवाब पर मौजूद लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि यदि नई व्यवस्था जनता के हित में नहीं है, तो सरकार को तत्काल वैकल्पिक समाधान देना चाहिए।
इस दौरान मयंक शुक्ला ने प्रदेश सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा
“प्रीपेड मीटर के माध्यम से जनता की जेब काटने का काम योगी सरकार कर रही है। यह व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता के साथ सुनियोजित लूट है।”
उन्होंने कहा कि गरीब, मजदूर, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालकर सरकार जनता को परेशान कर रही है।
मयंक शुक्ला ने कार्यालय परिसर में जमीन पर बैठकर आम लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर कई मामलों में तत्काल समाधान कराने का प्रयास किया।
उनके इस व्यवहार से वहां मौजूद लोगों में संतोष दिखाई दिया और लोगों ने कहा कि लंबे समय बाद कोई नेता जनता के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुन रहा है।
मयंक शुक्ला ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा जनता के हित में काम करती आई है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि सरकार बनने पर 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी और इस वादे का पूरी निष्ठा से पालन किया जाएगा।
कार्यालय पहुंचे उपभोक्ताओं का कहना था कि प्रीपेड मीटर व्यवस्था से पारदर्शिता नहीं, बल्कि परेशानी बढ़ी है। लोगों ने कहा कि बिना स्पष्ट जानकारी, बिना उचित रीडिंग और बिना समाधान के बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे जनता मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से परेशान है।
बरेली में लगातार बढ़ती बिजली समस्याओं, स्मार्ट मीटर विवाद और मनमाने बिलों को लेकर जनता का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। ऐसे में मयंक शुक्ला का यह हस्तक्षेप आम लोगों के लिए राहत की उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा शहर की राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है।
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