पंचायत चुनाव 2026 से पहले बड़ा फैसलायूपी सरकार ने ग्राम प्रधानों को बनाया प्रशासक, नई पंचायतों के गठन तक संभालेंगे जिम्मेदारी



रिपोर्ट-मुस्तकीम मंसूरी 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों के कार्यकाल समाप्त होने से पहले बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। पंचायती राज अनुभाग-3 द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार वर्ष 2021 में गठित ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में नई ग्राम पंचायतों के गठन और पहली बैठक होने तक वर्तमान ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया है।

जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा-12 के अंतर्गत ग्राम पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई पंचायतों के गठन तक प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। शासन ने कहा है कि विशेष परिस्थितियों और लोकहित को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था अधिकतम छह माह तक लागू रह सकती है।

शासन ने क्या कहा?

कार्यालय ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि यदि किसी कारणवश ग्राम पंचायत का चुनाव समय से नहीं कराया जा सके, तो राज्य सरकार प्रशासनिक समिति या प्रशासक नियुक्त कर सकती है। इसी प्रावधान के तहत निवर्तमान ग्राम प्रधानों को पंचायतों के सामान्य कार्यों के संचालन हेतु प्रशासक बनाया जाएगा।

इसके साथ ही यह भी साफ किया गया है कि प्रशासक के रूप में नियुक्त प्रधान कोई बड़ा नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। केवल आवश्यक एवं सामान्य प्रशासनिक कार्य ही किए जाएंगे। यदि किसी विशेष परिस्थिति में नीतिगत निर्णय की आवश्यकता होगी, तो संबंधित प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजा जाएगा और अनुमति मिलने के बाद ही कार्रवाई संभव होगी।

पंचायतों में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की तैयारी

सरकार के इस फैसले को पंचायतों में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव प्रक्रिया पूरी होने और नई ग्राम पंचायतों की पहली बैठक आयोजित होने तक गांवों में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसलिए यह व्यवस्था लागू की गई है।

जिलाधिकारियों को दिए गए निर्देश

शासन द्वारा सभी संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि 27 मई 2026 से निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में नामित कर ग्राम पंचायतों के नियमित कार्यों का संचालन सुनिश्चित कराया जाए।
यह आदेश पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार द्वारा जारी किया गया है।

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