काकरोच और दीमक की तरह कुछ षड्यंत्रकारियों द्वारा देश को खोखला कर रहे हैं युवाओं का अपमान अब नहीं सहेंगे -गादरे

मेरठ -युवाओं को काकरोच कभी राक्षस कभी शूद्र कभी अछूत मनुवादी षड्यंत्रकारियों द्वारा मूलनिवासियों का अपमान अब नहीं सहेंगे।
बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजुद्दीन गादरे ने षड्यंत्रकारी 2-3% के काकरोच दीमक जैसे कार्य करने वाले लोगों को सबक सिखाने के लिए कहा कि अब आजादी की तीसरी लड़ाई मूलनिवासी v/s विदेशी लडने को युवाओं को तैयार रहना होगा। ये लड़ाई 
90% बहुसंख्यक बहुजन मूल निवासी हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई बौद्ध आदिवासी आदि सभी डीएनए के भाई यों को लडनी होगी। 2027 की जंग में वोट की ताकत से बदलोगे आप सभी जानते हैं कि पिछले पंद्रह-बीस सालों में भावुक हो कर और भावनाओं में बहकर भावनात्मक तरीक़े मूर्ख बना कर के “इंडिया v/s एनडीए” का षड्यंत्रकारी राजनीतिक खेल खेलकर कांग्रेस और बीजेपी सरकारों ने आपस में मिल-जुलकर भारत के 90% बहुसंख्यक बहुजनों के हक अधिकारों, खेतिहर जमीनों मान-सम्मान और नौकरियों की हिस्सेदारी को बुरी तरह से लूटा है।  बहुजन समाज को पूरी तरह से बर्बाद करने का घिनौना कार्य किया है। ”सिर्फ झूठी भावनाओं में बहाकर” भोली-भाली मासूम जनता और सच्चे लोगों को कांग्रेस ने “संविधान बचाओ आंदोलन”नारे देकर ठगने,भ्रमित करने और बीजेपी द्वारा “भ्रष्टाचार मिटाओ आंदोलन” एवं “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ”,”पंद्रह लाख रुपए देने” का झूठा जुमला देकर “मूर्ख बनाने” और “ SC/ST/OBC के आरक्षण को पूरा हज़म करने” एवं “बहुसंख्यक जनता की हिस्सेदारी खत्म, स्वतंत्र पत्रकारिता खत्म करने और “गोदी मीडिया/कांग्रेसी मीडिया बनाने” जैसे असंवैधानिक तरीक़े अपनाकर सरकारी विभागों को बर्बाद करने और फिर घाटे में दिखाकर बेचने के घटिया कामों के अभियान लगातार आज भी जारी हैं। पहले अंग्रेजों ने लूटा अब मनुवादी षड्यंत्रकारियों द्वारा दबंगई धार्मिक उन्माद फैलाकर मूलनिवासियों को जातियों में हिंदू मुस्लिम आदि झगड़ों में उलझाकर देश पर 256 लाख करोड़ रुपए का कर्जदार बना दिया गया फिर भी देश भक्ति का झूठा प्रचार किया जा रहा है।
राजू गादरे ने कहा कि हम भारत के सभी बेरोज़गारों नौजवानों ,छोटे किसानों ,महिलाएँ और मुसलिमों , सिखों, ईसाईयों , बौद्धों, पारसी, जैन समुदाय ( धार्मिक-अल्पसंख्यक) सभी लोगों को एक दूसरे के साथ मिलकर मनुवादी विचारधारा की बीजेपी एवं सहयोगी पार्टी/कांग्रेसी सरकारों को बदलने एवं उन्हें उखाड़ फेंकने के लिए सोच समझकर ठंडे दिमाग़ से काम करें! मूल निवासी समाज के गरीब परिवारों और नौजवानों का सिर्फ भावनाओं से पेट नहीं भरता उसके लिये रोज़ी रोटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और नौकरी और खेती में पैदावार ज़रूरी हे। बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर एवं मान्यवर कांशीराम साहब के विचारों और सिद्धांतों को ठीक से समझ कर और संविधान में दिए गए वोट के अधिकार का सही प्रयोग करके प्रजातंत्र तरीक़े को अपना कर अपने अपने गाँव के बूथ स्तर पर बहुजन विचारधारा और बहुजन समाज को मज़बूत करें और मनुवादी विचारधारा की बीजेपी/कांग्रेस सरकारों को उखाड़ फेंकेंगे! अम्बेडकरवादी विचारधारा पर बटन दबाकर “बहुसंख्यक बहुजनों के वोटों के द्वारा बहुजनों की अपनी सरकार” बना कर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का और बहुजनों की राजनीतिक सत्ता को प्राप्त करने के लिये संघर्ष करने के लिए खुद तैयार रहें और जनता को जागृत करें!
षड्यंत्रकारी तरीक़े के जानबूझकर के करवाईं हुई छोटी-छोटी राजनीतिक घटनाओं पर सिर्फ भावनात्मक और भावुक ना हो कर के “भारत की बहुसंख्यक मूल निवासी बहुजन जनता” को जागरूक करने के लिये कार्य करें! मनुवादी विचारधारा की “अल्पसंख्यक बीजेपी/कांग्रेस वाली मनुवादी” पार्टियों को सबक सिखाने और हराने के उपायों पर गाँव-गाँवों गली मोहल्लों में चर्चा करे!  बहुजन हिताय बहुजन सुखाय के विचारों और नारों से गाँव गाँवों में जनता के बीच जाकर आत्मसम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई लड़ेंगें! 
90% मूलनिवासी बहुजन समाज के लोगों सावधान रहें! 
आदाब जय भीम जय इंसान जय विज्ञान जय भारत! जय संविधान!
रोज़ी रोटी दे न सके जो,
वह सरकार निकम्मी है! 
   जो सरकार निकम्मी है,
   वह सरकार बदलनी ही! 
. तख़्त बदल दो, ताज बदल दो!
  बेईमानों का राज बदल दो!
 वोट हमारा राज मनुवादियों का,
 नहीं चलेगा नहीं चलेगा!
 चढ़ मनुवादी *बुलडोज़र* की छाती पर, बटन दबेगा अंबेडकरवादी विचारधारा पर!
   चढ़ *गुंडों* की छाती पर,
    बटन दबेगा केवल अम्बेडकरवादी विचारधारा पर!
 ऐ महापुरुषों की नेक कमाई,
   सबने सोती कौम जगाई! 
समता समानता न्याय बंधुता और स्वतंत्रता के आधार पर देश और समाज का निर्माण करना है, अंबेडकर वाली तेरी सोच पर,पहरा देंगे ठोंक कर! 
. वोट से लेंगे सीएम पीएम,
    100% आरक्षण से एस एस पी डीएम…!!! 
. हिंदू,मुस्लिम,सिख,ईसाई, जैन,बौद्ध पारसी,चलो हम 90% डीएनए टेस्ट के मूल निवासी सब मिलकर थामें एक दूसरे सभी का हाथ! धर्मांधता भ्रष्टाचार महंगाई मनमुटाव अशिक्षा अंधश्रद्धा पाखंडवाद हिंसात्मक दहशतगर्द हिंदू हिंदुत्व करने वाले देशद्रोही षड्यंत्रकारी विचारधारा वालों को मात देंगे मिलकर!                                सभी को हिस्सा, सभी को सम्मान! “चलो चलें हम सब मिलकर,चलें बहुजन मुक्ति पार्टी के साथ चलें!
9. जिसकी जितनी संख्या भारी 
      उसकी उतनी हिस्सेदारी…..!!!
10. नारी के सम्मान में, बीएमपी मैदान में! महिलाओं के सम्मान में, बीएमपी मैदान में!
 किसानों के सम्मान में, बीएमपी मैदान में!
. नौजवानों के सम्मान में, बीएमपी मैदान में! बेरोज़गारों के सम्मान में,                 बीएमपी मैदान में!
 मजदूरों के सम्मान में, बीएमपी मैदान में! (बहुजन मुक्ति पार्टी) बीएमपी की क्या पहचान, तिरंगा झंडा इंसानियत से इंसाफ की ओर अग्रसर ही हमारा निशान!
 जो ज़मीन सरकारी है, वह ज़मीन मूल निवासियों यानी हमारी है!
. जिसकी जितनी संख्या भारी          उसकी उतनी हिस्सेदारी!
.वक्त आने पर बता देंगे, तुझे ऐ आसमाँ!
  हम मूलनिवासी अभी से क्यों बताएँ,                                    
अबकी बार क्या हमारे दिल में है?
.100% लेंगे देंगे हिस्सेदारी,                              नहीं करेंगे ताबेदारी                     ताबेदारी मुर्दा बाद,                    हिस्सेदारी ज़िंदाबाद.!
. गुलाम,ग़ुलामी मुर्दाबाद ,               इंसानियत से इंसाफ़ परस्ती ज़िंदाबाद,               इंसाफ़ परस्ती इंसाफ़ की बात        बाक़ी छोड़ो सबका साथ
 याद रखें बहुजन मुस्लिम, सिख ईसाई बौद्ध जैन लिंगायत आदिवासी अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति 90% मूलनिवासी भारत और भारत की जनता, ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद, ज़िंदाबाद 
   आदाब! जय भीम! जय इंसान! जय भारत! जय संविधान! इंसानियत से इंसाफ!

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