आशुतोष जायसवाल, नितिन कुमार, विजय शंकर... तीन एसडीएम बदल गए पर नहीं सुनी, 3 लाख30 हजार से बना सिर्फ स्टेज ।


* डीएम जसजीत कौर के निरीक्षण का वीडियो वायरल, मौके पर दिए आदेश के 4 माह बाद भी मैदान बना कूड़ाघर  
नगीना --प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खेलों को बढ़ावा देने के फरमान और जिलाधिकारी जसजीत कौर के निरीक्षण के बावजूद नगीना का 100 साल पुराना एमएम इंटर कॉलेज खेल मैदान आज भी कूड़ाघर बना हुआ है। 25-30 साल से हॉकी का खेल बंद होने से पुराने खिलाड़ी और स्कूली बच्चे खेलों से वंचित हैं। मिनी स्टेडियम का सपना फाइलों में ही दफन है।
* गत  7 मार्च 2026 को तहसील समाधान दिवस के दौरान डीएम जसजीत कौर ने खुद एमएम इंटर कॉलेज मैदान का निरीक्षण किया था। जिसमें जिलाधिकारी ने तत्कालीन एसडीएम विजय शंकर व कार्यवाहक ईओ आशुतोष जायसवाल को मौके पर ही मिनी स्टेडियम का निर्माण पूरा कराने और खेल मैदान में लगे वर्षा मापी टावर को शिफ्ट करने के निर्देश  दिये थे लेकिन 4 माह बीतने के बाद भी जिलाधिकारी के आदेश पर अमल नहीं हुआ। शाइनिंग क्लब हॉकी नगीना के सचिव ए एच सिद्दीकी लगातार अफसरों का ध्यान दिलाते रहे, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
* पूर्व एसडीएम मांगेराम चौहान के बाद एसडीएम आशुतोष जायसवाल,  के 2025 में चार्ज संभालते ही खिलाड़ियों को उम्मीद जगी। इनके कार्यकाल में विनियमित क्षेत्र के जेई ने 9 लाख की स्वीकृत धन राशि में से 3.30 लाख का स्टेज बनाकर काम रुकवा देने की जानकारी मिली, लेकिन एसडीएम ने कोई संज्ञान नहीं लिया।
 उनके बाद एसडीएम नितिन कुमार ने चार्ज संभाला तो सचिव ए एच सिद्दीकी ने कई बार मिनी स्टेडियम की मांग को लेकर उनका ध्यान आकर्षित किया, लेकिन खिलाड़ियों की मांग को अनसुना कर दिया गया। वो भी ट्रांसफर होकर चले गए।
उनके बाद एसडीएम विजय शंकर, 2026 में  चार्ज संभाला उन्हें भी उक्त सम्बन्ध में बताया लेकिन उन्होंने ने भी इस ओर कोई रूचि नहीं ली। 7 मार्च 2026 को सम्पूर्ण समाधान दिवस में भाग लेने आई जिलाधिकारी जसजीत कौर के सामने हाॅकी खिलाडियों का एक प्रतिनिधिमंडल ए एच सिद्दीकी के नेतृत्व में मिला और उनको उपरोक्त सम्बन्ध में अवगत कराकर खेल के मैदान का निरीक्षण कराया तो उन्होंने पूर्व एसडीएम विजय शंकर व पूर्व ईओ आशुतोष जायसवाल को मिल कर मिनी स्टेडियम निर्माण को पूरा कराने व मैदान में लगे वर्षा मापी टांवर को दुसरे स्थान पर शिफ्ट कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन दोनों अधिकारियों ने जिलाधिकारी के निर्देश मिलने के बावजूद न तो मैदान से वर्षा मापी टावर हटवाया और न ही स्टेडियम का काम शुरू कराया। जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खेल वाले आदेश भी दरकिनार कर दिए गए।
ज्ञात हो कि 1993 से शाइनिंग क्लब हॉकी के सचिव ए एच सिद्दीकी मिनी स्टेडियम की मांग बराबर उठाते चले रहे हैं।  वर्ष 2001 में तत्कालीन एसडीएम संभ्रांत कुमार शुक्ला ने विनियमित क्षेत्र से 3.75 लाख से मैदान की चारदीवारी कराई थी, लेकिन बसपा नेताओं के दबाव में उनका ट्रांसफर हो गया। 2024 में पूर्व जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने पूर्व एसडीएम मांगेराम चौहान को जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने विनियमित क्षेत्र से वर्ष 2024-25 में 9 लाख रुपये स्वीकृत कराए। योजना में स्टेज, दोनों ओर 35-35 मीटर की 3-3 सीढ़ियां, 2 सोलर लाइट, गोल पोल, शौचालय व ड्रेसिंग रूम बनना था। पालिका चेयरपर्सन पुत्र शाहनवाज खलील ने मिट्टी भराव का प्रस्ताव भी पास करा लिया था। लेकिन एसडीएम मांगेराम चौहान के प्रमोशन और ईओ संदीप सक्सेना के ट्रांसफर के बाद काम फिर लटक गया।
उधर एम एम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य की अनदेखी से खेल मैदान का गेट 24 घंटे खुला रहता है। आसपास के लोग घरों का कूड़ा डालते हैं, राहगीरों ने मूत्रालय बना लिया हैं और अवैध वाहनों की पार्किंग होती है। कभी शाइनिंग क्लब के खिलाड़ी यहां हॉकी खेलते थे, दयानंद वैदिक कन्या इंटर कॉलेज व एम एम इंटर कॉलेज के बच्चे स्पोर्ट्स की तैयारी करते थे। आज गाय बंधती हैं और शाम को शराबियों का अड्डा बन जाता है।
शाईनिंग क्लब हाॅकी के खिलाड़ियों ने युवा नवागत एसडीएम प्रिंस कुमार व  युवा नवागत ईओ सतीश कुमार की ओर ध्यान दिलाया तो दोनों अधिकारियों ने मिनी स्टेडियम का सपना जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया है। पालिका चेयरपर्सन ताहिरा खलील व उनके पुत्र शेख शाहनवाज़ खलील एंव सभासद भी बच्चों के हित में स्टेडियम बनवाने के प्रयास में जुटे हैं।
बॉक्स-1) 
7 मार्च 2026: डीएम जसजीत कौर का निरीक्षण, पूर्व एसडीएम व ईओं को  मिनी स्टेडियम निर्माण के निर्देश मिलने के 4 माह बाद भी मैदान जस का तस।
 ( 2)25 - 30 सालो से लड़ रहा हूं। मेरे सामने बच्चे नशे में जा रहे हैं, मोबाइल में लगे हैं। मैदान होता तो स्टिक पकड़ते। अब नवागत एसडीएम व ईओं से उम्मीद है - 
ए एच सिद्दीकी, सचिव शाइनिंग क्लब हॉकी नगीना`।

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