नगीना: अज्ञात वाहन ने छीनी बुजुर्ग की जान, दिमागी परेशान मुन्ने शाह की लावारिस मौत
रातभर तलाशते रहे परिजन, सुबह मिली लाश - हिट एंड रन में गई जान, पत्रकार ने कराई शिनाख्त
* मांगकर पेट पालते थे 65 वर्षीय मुन्ने शाह, फोरलेन पर तेज रफ्तार ने कुचला, पुलिस को 18 घंटे बाद हुई पहचान
*नगीना, बिजनौर।* नगर के मौहल्ला जति निवासी 65 वर्षीय मुन्ने शाह की शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से मौत हो गई। दिमागी परेशानी के चलते भटककर कालाखेड़ी फोरलेन पुल पहुंचे बुजुर्ग को टक्कर मारकर वाहन चालक फरार हो गया।
*बताया जाता है मुन्ने शाह पिछले एक साल से दिमागी परेशानी के चलते मांगकर गुजर-बसर कर रहे थे। शनिवार रात घर न लौटने पर परिजन पूरी रात उन्हें इधर-उधर तलाशते रहे। रविवार सुबह से फिर तलाश शुरू की, लेकिन थक-हारकर बैठ गए।
उधर, शनिवार-रविवार दोपहर करीब 3 बजे भटकते हुए मुन्ने शाह थाना क्षेत्र के ग्राम कालाखेड़ी स्थित फोरलेन पुल पर पहुंच गए। तभी किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और घायल अवस्था में सड़क पर छोड़कर फरार हो गया।
सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को नगीना सीएचसी उपचार के लिए पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शव की शिनाख्त के लिए पुलिस ने लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई पहचान नहीं पाया। लावारिस मानकर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
*पत्रकार बना फरिश्ता:* रविवार सुबह करीब 9 बजे नगर के वरिष्ठ पत्रकार ए एच सिद्दीकी के पास मृतक का फोटो पहुंचा। उन्होंने तत्काल अपने स्तर से फोटो लोगों से साझा कर परिजनों तक सूचना पहुंचाई। पत्रकार की मदद से ही परिजन बिजनौर पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंच पाए और शव की शिनाख्त कर पाए।
उधर देर शाम तक यह जानकारी नहीं मिल पाई थी। परिजनों ने पुलिस को तहरीर लिखकर दी या नहीं। और न ही टक्कर मारकर मौत की नींद सुलाने वाला वाहन चालक पुलिस की हिरासत में आया या नहीं
इस सम्बन्ध में पुलिस से जानकारी के लिए फोन से सम्पर्क किया गया लेकिन कोई सम्पर्क नहीं हो सका है।
: `बॉक्स: एक साल से दिमागी परेशान थे मुन्ने शाह, भीख मांगकर काटते थे जीवन - क्या समाज-प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं?`
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