अग्निकांड के बाद सख्त हुए मुख्यमंत्री योगी, पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी ऑडिट के निर्देशफायर सेफ्टी मानकों से कोई समझौता नहीं : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,
रिपोर्ट। मुस्तकीम मंसूरी
लखनऊ। हाल ही में हुई अग्निकांड की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में फायर सेफ्टी मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
हर जनपद में चलेगा व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में विशेष टीमों का गठन कर व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान स्कूलों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, नर्सिंग होम, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीस्टोरी इमारतों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर केंद्रित रहेगा। ऑडिट के माध्यम से भवनों में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी और कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पहले जागरूकता, फिर कार्रवाई का होगा सिद्धांत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फायर सेफ्टी अभियान के दौरान नागरिकों को पहले नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक, व्यापारी या संस्थान संचालक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। जहां कमियां पाई जाएं, वहां पहले सुधार का अवसर दिया जाए और उसके बाद आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाए।
बेसमेंट में कोचिंग और नर्सिंग होम नहीं होंगे संचालित
मुख्यमंत्री ने भवन उपयोग के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस भवन को जिस उद्देश्य के लिए स्वीकृति दी गई है, उसका उपयोग उसी गतिविधि के लिए किया जाए। विशेष रूप से बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम या अन्य ऐसी गतिविधियां संचालित करना, जहां आपात स्थिति में लोगों की जान को खतरा हो सकता है, किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम होगा और कम
मुख्यमंत्री ने अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि आपदा की स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम कम करने के लिए ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए जाएं। उन्होंने आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, पर्याप्त मानव संसाधन और त्वरित समन्वय व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश
मुख्यमंत्री के निर्देशों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार अग्निकांड जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गंभीर है। फायर सेफ्टी नियमों का पालन, भवनों की नियमित जांच, जनजागरूकता और आपातकालीन सेवाओं की मजबूती के माध्यम से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी लापरवाही के कारण जनहानि न हो और प्रदेश में सुरक्षित वातावरण कायम रहे।
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