ऑपरेशन के दौरान मरीज़ की सुरक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की होती है : डॉ. मोहम्मद तनीम साबिर
एमबीबीएस, एमडी एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ने बताया—केवल बेहोश करना ही नहीं, बल्कि मरीज की हर सांस और धड़कन की सुरक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी
रिपोर्ट। मुस्तकीम मंसूरी
बरेली। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद तनीम साबिर (एमबीबीएस, एमडी एनेस्थीसिया) ने कहा कि आम लोगों में यह धारणा है कि एनेस्थीसिया डॉक्टर का कार्य केवल ऑपरेशन से पहले मरीज को बेहोश करना होता है, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अधिक व्यापक और जिम्मेदारी भरी है। उन्होंने बताया कि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ऑपरेशन से पहले, ऑपरेशन के दौरान और ऑपरेशन के बाद तक मरीज की सुरक्षा, दर्द नियंत्रण और जीवन रक्षक प्रणालियों की निरंतर निगरानी करते हैं।
डॉ. मोहम्मद तनीम साबिर ने कहा कि किसी भी सफल ऑपरेशन में सर्जन के साथ-साथ एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। ऑपरेशन शुरू होने से पहले मरीज की पूरी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जाता है, जिसमें हृदय, फेफड़े, रक्तचाप, मधुमेह और अन्य बीमारियों की जांच कर यह तय किया जाता है कि मरीज के लिए कौन-सा एनेस्थीसिया सबसे सुरक्षित रहेगा।
उन्होंने बताया कि मरीज की आवश्यकता और ऑपरेशन के प्रकार के अनुसार जनरल एनेस्थीसिया, स्पाइनल एनेस्थीसिया, एपिड्यूरल एनेस्थीसिया, लोकल एनेस्थीसिया तथा सेडेशन जैसी विभिन्न तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
ऑपरेशन के दौरान हर पल रहती है विशेषज्ञ की नज़र
डॉ. तनीम साबिर ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान मरीज का रक्तचाप, नाड़ी, ऑक्सीजन स्तर, श्वास और अन्य महत्वपूर्ण जीवन रक्षक संकेतों की लगातार निगरानी की जाती है। यदि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो एनेस्थीसिया विशेषज्ञ तत्काल आवश्यक उपचार देकर मरीज की जान बचाने का कार्य करते हैं।
ऑपरेशन के बाद भी खत्म नहीं होती जिम्मेदारी
उन्होंने बताया कि सर्जरी पूरी होने के बाद मरीज को सुरक्षित रूप से होश में लाना, दर्द को नियंत्रित करना तथा रिकवरी रूम में उसकी निगरानी करना भी एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है, ताकि मरीज बिना किसी जटिलता के स्वस्थ हो सके।
आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं में निभाते हैं अहम भूमिका
डॉ. मोहम्मद तनीम साबिर ने कहा कि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ केवल ऑपरेशन थिएटर तक सीमित नहीं रहते, बल्कि आईसीयू में गंभीर मरीजों की देखभाल, वेंटिलेटर प्रबंधन, दुर्घटना, हार्ट अटैक, शॉक जैसी आपात स्थितियों में जीवन रक्षक उपचार तथा सीपीआर (पुनर्जीवन) जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
पुराने दर्द के इलाज में भी विशेषज्ञता
उन्होंने बताया कि कैंसर, रीढ़, नसों और जोड़ों के पुराने दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए आधुनिक दर्द प्रबंधन (पेन मैनेजमेंट) तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिनमें विशेष इंजेक्शन और अन्य चिकित्सीय प्रक्रियाओं के माध्यम से लंबे समय तक राहत देने का प्रयास किया जाता है।
जनजागरूकता बढ़ाने की जरूरत
डॉ. मोहम्मद तनीम साबिर ने कहा कि समाज में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की भूमिका के बारे में सही जानकारी पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ केवल मरीज को बेहोश करने वाले डॉक्टर नहीं हैं, बल्कि ऑपरेशन के पूरे समय मरीज के जीवन की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले महत्वपूर्ण चिकित्सक हैं। उनकी सतर्कता, अनुभव और त्वरित निर्णय क्षमता ही अनेक मरीजों के जीवन की रक्षा करती है।
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