शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी समाजवादी पार्टी, पुरानी पेंशन होगी प्राथमिकता : शुभलेश यादव



बरेली में शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर सपा की रणनीति का ऐलान, मो. दानिश अख्तर बोले-शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर होगा संघर्ष

रिपोर्ट: मुस्तकीम मंसूरी 

बरेली, 31 जुलाई। समाजवादी पार्टी जिला कार्यालय, सिविल लाइंस, बरेली में शुक्रवार को शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी मो. दानिश अख्तर, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। पत्रकार वार्ता में शिक्षक एमएलसी चुनाव की तैयारियों, संगठनात्मक रणनीति और शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल द्वारा शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए प्रभारियों की घोषणा कर दी गई है। उन्होंने बताया कि शिव प्रताप यादव को बरेली मंडल के चारों जिलों का प्रभारी बनाया गया है, जबकि कदीर अहमद, संजीव सक्सेना और प्रमोद बिष्ट को बरेली जनपद का प्रभारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रभारियों के नेतृत्व में संगठन शिक्षक चुनाव में पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगा।
शुभलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार शिक्षक एमएलसी चुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ रही है। पार्टी का सबसे बड़ा लक्ष्य अधिक से अधिक शिक्षकों को मतदाता सूची में शामिल कराना तथा मतदाता सूची की निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व के चुनावों में सत्तारूढ़ दल द्वारा फर्जी मतदाता बनवाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया, लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी प्रत्येक स्तर पर निगरानी रखेगी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए पूरी ताकत लगाएगी।
उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना शिक्षकों की सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण मांग है, लेकिन वर्तमान सरकार लगातार इस मुद्दे की अनदेखी करती रही है। समाजवादी पार्टी सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू करेगी तथा शिक्षकों के सभी लंबित मामलों का सम्मानजनक समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा करना समाजवादी पार्टी की प्राथमिकता है।
इस अवसर पर शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी मो. दानिश अख्तर ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से शिक्षकों के हितों की सबसे बड़ी संरक्षक रही है। चाहे पुरानी पेंशन योजना का सवाल हो, वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय का मुद्दा, नए विद्यालयों की स्थापना या शिक्षकों की नियुक्ति—हर संघर्ष में समाजवादी पार्टी ने शिक्षकों की आवाज़ बुलंद की है और आगे भी करती रहेगी।
मो. दानिश अख्तर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक फैसले लिए गए। उनके नेतृत्व में लगभग एक हजार जूनियर विद्यालयों को अनुदान सूची में शामिल किया गया, जबकि करीब 300 संस्कृत विद्यालयों को भी ग्रांट देकर अनुदानित श्रेणी में लाया गया। इससे हजारों शिक्षकों को आर्थिक सुरक्षा मिली और उनके वेतन में सम्मानजनक सुधार हुआ।
उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक का दर्जा देकर उनके वेतन, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि की थी। भविष्य में भी समाजवादी पार्टी शिक्षकों के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी तथा उनकी हर जायज़ मांग को मजबूती से उठाएगी।
पत्रकार वार्ता में राजेश अग्रवाल, प्रमोद यादव, जिला कोषाध्यक्ष अशोक यादव, राम प्रकाश (लल्ला), सैफबली खां, अशोक समाजवादी, धर्मेन्द्र लालू, जितेंद्र मुंडे, राम सेवक प्रजापति, भानु प्रताप सिंह, प्रशांत यादव, महेंद्र दिवाकर, आकाश यादव सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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