अखिल भारत हिंदू महासभा का सदर तहसील में विशाल धरना प्रदर्शन, सरकार भूमि बचाओ, भू माफियाओ पर कार्यवाही हो l*

शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत* 
पीलीभीत। जनपद में सरकारी तालाबों, ग्राम समाज भूमि, नजूल भूमि, नई परती, शत्रु संपत्तियों, खेल मैदानों, धोबी घाटों, श्मशान भूमि तथा अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर हो रहे कथित अवैध कब्जों और अवैध प्लाटिंग के विरोध में मंगलवार को अखिल भारत हिन्दू महासभा ने सदर तहसील परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस धरने में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद में सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। धरने के बाद संगठन ने उप जिलाधिकारी को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने तथा सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा ने कहा कि पीलीभीत में सरकारी तालाबों, ग्राम समाज भूमि और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को बचाने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, उन्हीं की कार्यप्रणाली पर आज सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा पिछले कई वर्षों से लगातार शिकायतें, दस्तावेज और साक्ष्य प्रशासन को उपलब्ध कराए जाते रहे हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में न तो प्रभावी जांच हुई और न ही दोषियों के विरुद्ध कोई बड़ी कार्रवाई दिखाई दी। उन्होंने कहा कि जब किसी गरीब व्यक्ति द्वारा मामूली अतिक्रमण किया जाता है तो प्रशासन तत्काल बुलडोजर और पुलिस बल के साथ कार्रवाई करता है, लेकिन जब सरकारी तालाबों, ग्राम समाज भूमि, नजूल भूमि और शत्रु संपत्तियों पर कब्जों के आरोप सामने आते हैं तो मामले वर्षों तक फाइलों में दबे रहते हैं। यह स्थिति जनता के मन में प्रशासन की निष्पक्षता को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। *पंडित पंकज शर्मा* ने कहा कि ग्राम पकड़िया नौगवां एतमाली स्थित वसुंधरा कॉलोनी का मामला पूरे जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर लगातार आरोप लगाए जाते रहे हैं कि सरकारी तालाब, ग्राम समाज भूमि, नई परती तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि को कॉलोनी के ले-आउट में सम्मिलित कर प्लाटिंग एवं विक्रय किया गया। उन्होंने कहा कि यदि यह आरोप गलत हैं तो प्रशासन स्वतंत्र जांच कराकर जनता के सामने वास्तविक स्थिति रखे और यदि आरोप सही हैं तो संबंधित भूमाफियाओं, कॉलोनाइजरों तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि का अवैध उपयोग केवल राजस्व हानि का विषय नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण, सामाजिक व्यवस्था और भविष्य की पीढ़ियों के अधिकारों पर सीधा हमला है। तालाबों को समाप्त करने का अर्थ भूजल स्तर को प्रभावित करना और पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ना है l धरने में वक्ताओं ने कहा कि सरकारी भूमि और सार्वजनिक संपत्तियां किसी भूमाफिया, कॉलोनाइजर या प्रभावशाली व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं हैं। यह जनता की धरोहर हैं और इनके संरक्षण की जिम्मेदारी प्रशासन की है। यदि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करता है तो जनता को लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। धरने के अंत में पंडित पंकज शर्मा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि हिन्दू महासभा केवल ज्ञापन देकर चुप बैठने वाली नहीं है। यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन जनपदव्यापी जनजागरण अभियान चलाएगा, तहसील स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक बड़े धरना-प्रदर्शन आयोजित करेगा तथा समस्त साक्ष्यों के साथ मामले को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, राजस्व परिषद, शासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष उठाएगा। संगठन ने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों को बचाने की यह लड़ाई किसी संगठन की नहीं बल्कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की लड़ाई है, जिसे अंत तक लड़ा जाएगा। धरने के उपरांत संगठन ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की। धरने में संगठन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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